जमीन के लालच में बहू बनी हैवान
ससुर की आंखों में झोंकी मिर्च, डंडे से पीट-पीटकर उतारा मौत के घाट
4 घंटे में पुलिस ने खोला हत्याकांड का राज
महराजगंज। फरेंदा थाना क्षेत्र के सोनबरसा गांव में जमीन विवाद को लेकर हुई अधेड़ की सनसनीखेज हत्या का पुलिस ने महज चार घंटे के भीतर खुलासा कर दिया। इस मामले में मृतक की बहू सहित चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है।
पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त आलाकत्ल के साथ ही साक्ष्य मिटाने में इस्तेमाल किया गया वाइपर और पोछा भी बरामद किया है।
पुलिस के अनुसार, सोनबरसा निवासी सच्चाराम गुप्ता की हत्या उनकी बहू शोभा गुप्ता ने अपने तीन सहयोगियों के साथ मिलकर की। पूछताछ में सामने आया कि शोभा गुप्ता लंबे समय से अपने ससुर पर आधी जमीन अपने नाम रजिस्ट्री कराने का दबाव बना रही थी।
मृतक ने दोनों बेटों को बराबर हिस्सेदारी देने की बात कहकर रजिस्ट्री से इनकार कर दिया था। इसी बात को लेकर परिवार में लंबे समय से विवाद चल रहा था और इस संबंध में दीवानी न्यायालय में मुकदमा भी विचाराधीन था।
झोलाछाप डॉक्टर मौजूद
पुलिस के मुताबिक, 30 जुलाई 2026 की शाम करीब 4:30 बजे शोभा गुप्ता ने बंटवारे की बात करने के बहाने अपने ससुर को घर बुलाया। वहां पहले से मौजूद रमेश गुप्ता और कथित झोलाछाप डॉक्टर धनई यादव भी मौजूद थे।
बातचीत के दौरान अचानक शोभा ने सच्चाराम की आंखों में मिर्च पाउडर झोंक दिया, जिससे वह जमीन पर गिर पड़े। इसके बाद दोनों सहयोगियों ने उन्हें पकड़ लिया और शोभा ने पास में रखे कुदाल के बेंत (लकड़ी के डंडे) से ताबड़तोड़ वार कर उनकी हत्या कर दी।
चार आरोपियों की भूमिका
घटना के बाद धनई यादव ने मृतक को मृत घोषित किया और आरोपियों ने शव को ठिकाने लगाने की योजना बनाई। रात होने पर श्रीकांत चौहान को बुलाया गया। आरोप है कि चारों ने मिलकर शव का चेहरा कपड़े से बांधा और घसीटकर घर के बाहर खाली पड़े प्लॉट में फेंक दिया, ताकि हत्या को छिपाया जा सके।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक शक्ति मोहन अवस्थी के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तथा क्षेत्राधिकारी फरेंदा दीपशिखा वर्मा के पर्यवेक्षण में थाना फरेंदा पुलिस ने तेजी से जांच शुरू की।
साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने मुख्य अभियुक्ता शोभा गुप्ता को उसके घर से तथा अन्य तीन आरोपियों को करहिया मोड़ के पास से गिरफ्तार कर लिया।
सबूत मिटाने का प्रयास
गिरफ्तार आरोपियों में शोभा गुप्ता पत्नी सुख्खू राम गुप्ता, रमेश गुप्ता पुत्र स्व. रामलाल गुप्ता, धनई यादव पुत्र मोल्हू यादव तथा श्रीकांत चौहान पुत्र चनरमन शामिल हैं।
पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त आलाकत्ल के अलावा साक्ष्य मिटाने में इस्तेमाल किए गए वाइपर और पोछे को भी बरामद कर लिया है।
पुलिस ने सभी आरोपियों के विरुद्ध थाना फरेंदा में दर्ज मुकदमा संख्या 210/2026 में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई करते हुए न्यायालय भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि मामले में सभी पहलुओं की गहन जांच जारी है।
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