किसानों पर मेहरबान,20% बढ़ा कृषि बजट, पंचायतों को भी मिला बंपर तोहफा
Upelection: चुनावी साल में किसानों को साधने की बड़ी तैयारी चल रही है।
सरकार ने इस बार बजट में किसानों और ग्रामीण क्षेत्रों पर बड़ा दांव खेलते हुए कृषि क्षेत्र के लिए प्रावधानित बजट में 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी की है।
प्रशिक्षण केंद्र की स्थापना
सरकार का दावा है कि इस फैसले से किसानों की आय बढ़ाने और उन्हें आधुनिक संसाधनों से जोड़ने में मदद मिलेगी।
कृषि क्षेत्र को मजबूती देने के लिए विश्वस्तरीय हैचरी और प्रशिक्षण केंद्र की स्थापना हेतु 155 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इससे पशुपालन और मत्स्य पालन क्षेत्र में नई संभावनाएं खुलने की उम्मीद है।
इसके अलावा एग्री निर्यात हब के लिए 245 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, ताकि किसानों की उपज को अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाया जा सके और उन्हें बेहतर मूल्य मिल सके।
बाजार में बेहतर भागीदारी
किसान उत्पादक संगठनों को सशक्त बनाने के उद्देश्य से 75 करोड़ रुपये का विशेष फंड शुरू किया गया है।
सरकार का मानना है कि संगठित होकर किसान बाजार में अपनी बेहतर भागीदारी सुनिश्चित कर पाएंगे।
सिर्फ कृषि ही नहीं, पंचायत राज विभाग के बजट में भी ऐतिहासिक बढ़ोतरी की गई है। पंचायतों का बजट लगभग 67 प्रतिशत बढ़ाकर 32,090 करोड़ रुपये कर दिया गया है। इसे ग्रामीण विकास की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
सामुदायिक ढांचे की मजबूती
इस राशि से गांवों में बुनियादी सुविधाओं, सड़कों, नालियों और सामुदायिक ढांचे को मजबूत करने की योजना है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इन योजनाओं के जरिए सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में अपनी पकड़ मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रही है।
अब देखना यह होगा कि बढ़ा हुआ बजट जमीन पर कितना असर दिखाता है और किसानों की वास्तविक आय में कितना इजाफा होता है।
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