सेवा में,
माननीय अध्यक्ष महोदय,
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC),
मानव अधिकार भवन, ब्लॉक-सी, जी.पी.ओ. कॉम्प्लेक्स, INA,
नई दिल्ली – 110023
विषय: उत्तर प्रदेश के प्रत्येक ज़िले की प्रत्येक पुलिस चौकी में सीसीटीवी (CCTV) कैमरे लगाए जाने के संबंध में।
महोदय,
सविनय अवगत कराना है कि मैं, विनय कुमार पांडे (एडवोकेट), को-फाउंडर – बालाजी लॉ एसोसिएट्स एवं बॉर्डर लॉयर्स ट्रस्ट, जनपद महाराजगंज (उत्तर प्रदेश), इस पत्र के माध्यम से उत्तर प्रदेश में जमीनी स्तर पर मानवाधिकारों की रक्षा और पुलिस प्रणाली में पारदर्शिता लाने हेतु एक अत्यंत महत्वपूर्ण विषय की ओर आपका ध्यान आकर्षित करना चाहता हूँ।
सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक दिशा-निर्देशों के बाद उत्तर प्रदेश के अधिकांश थानों में सीसीटीवी कैमरे लगाए जा चुके हैं, जो कि एक सराहनीय कदम है। परंतु, व्यावहारिक रूप से देखने में आ रहा है कि थानों में कैमरों की निगरानी होने के कारण
आम नागरिकों व आरोपियों को पहले स्थानीय पुलिस चौकियों में ले जाया जाता है। थानों की तुलना में पुलिस चौकियों पर सीसीटीवी कैमरों की व्यवस्था न होने के कारण वहाँ मानवाधिकारों के हनन और दुर्व्यवहार की संभावनाएँ अत्यधिक बढ़ जाती हैं।
केवल मुख्य पुलिस थानों में सीसीटीवी कैमरे लगाने से शत-प्रतिशत मानवाधिकारों की रक्षा का लक्ष्य प्राप्त नहीं किया जा सकता।
पुलिस चौकियाँ सीधे तौर पर जनता से जुड़ी होती हैं और यदि वे कैमरों की निगरानी से बाहर रहेंगी, तो जवाबदेही तय करना असंभव होगा। महाराजगंज जैसे सीमावर्ती (Border) जिलों में यह समस्या और भी संवेदनशील हो जाती है।
अतः आपसे विनम्र प्रार्थना है कि:
1. उत्तर प्रदेश के सभी जनपदों की प्रत्येक पुलिस चौकी (Police Outpost) के भीतर और परिसर में अनिवार्य रूप से ऑडियो-वीडियो रिकॉर्डिंग क्षमता वाले सीसीटीवी कैमरे लगाने के निर्देश जारी किए जाएँ।
2. इन कैमरों का बैकअप और केंद्रीय नियंत्रण कक्ष (Central Control Room) से जुड़ाव सुनिश्चित किया जाए, ताकि साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ न हो सके।
इस कदम से पुलिसिया कार्यप्रणाली में पारदर्शिता आएगी, निर्दोष नागरिकों के मानवाधिकारों का हनन रुकेगा और पीड़ितों को सच्चा न्याय मिल सकेगा।
भवदीय,
(विनय कुमार पांडे)
एडवोकेट,
को-फाउंडर: बॉर्डर लॉयर्स ट्रस्ट,
जनपद: महाराजगंज, उत्तर प्रदेश।
मोबाईल नं०:8960486699
Email vinaymrj@yahoo.com
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