Saturday , 17 October 2026

Hatyakand :   रामगोपाल हत्याकांड- पुलिस सजग रहती तो शायद टल सकती थी हिंसा 

Hatyakand :   रामगोपाल हत्याकांड- पुलिस सजग रहती तो शायद टल सकती थी हिंसा 

Hatya kand

पुलिस अगर जरा सा भी सजग और संवेदनशील होती तो महराजगंज की हिंसा टाली जा सकती थी।

सांप्रदायिक दृष्टि से अति संवेदनशील इस कस्बे में हर त्योहार पर पीएसी की तैनाती होती रही है,

इस बार पुलिस और पीएसी के जो जवान विवाद के दौरान मौके पर थे, उनका रवैया भी ढीला था।

डीजे पर गाना बजाने को लेकर विरोध

डीजे पर गाना बजाने को लेकर विरोध पर पुलिस बल के हस्तक्षेप करने के बजाय इधर-उधर कतराते रहे।

परिणाम बड़ी हिंसा के रूप में सामने आया पांच हजार आबादी का महराजगंज कस्बा मुस्लिम बाहुल्य है।

यहां लगभग 70 प्रतिशथ आबादी अल्पसंख्यक समुदाय की है।

तहसील मुख्यालय से सटा यह कस्बा सांप्रदायिक दृष्टि से संवेदनशील माना जाता है।

पिछले 10-12 वर्षों से पुलिस बल के साथ पीएसी के जवान धार्मिक आयोजनों में निगरानी करते रहे हैं,

इस बार महज 10-12 पुलिस और पीएसी के जवान पूरे कस्बे में विसर्जन यात्रा के दौरान बिखरे हुए थे।

मुस्लिम समुदाय ने विरोध किया

जब विसर्जन जुलूस कस्बे में पहुंचा और डीजे पर बज रहे गाने का मुस्लिम समुदाय ने विरोध किया

हिंदू पक्ष ने उनके विरोध को नाजायज करार दिया। इस बात को लेकर जब बहस और विवाद शुरू हुआ

सुरक्षा बल मौके पर पर्याप्त संख्या में मौजूद नहीं था अल्पसंख्यक समुदाय के कुछ युवकों ने

यात्रा में शामिल म्यूजिक सिस्टम की केबल नोचने का प्रयास किया, जिससे विवाद बढ़ गया।

(Hatyakand) रामगोपाल ने इस्लामिक झंडा उतारने लगा

इसी बीच सलमान के घर की छत पर चढ़कर रामगोपाल मिश्र इस्लामिक झंडा उतारने लगा।

ऐसे में मनबढ़ मुस्लिम युवकों ने उसे घर के अंदर खींच लिया और बर्बरता की।

पुलिस ने उसे बचाने की जगह बाहर आक्रोशित भीड़ पर लाठीचार्ज कर दिया।

इस दौरान विसर्जन यात्रा की ट्राली पर बैठे दिव्यांग सत्यवान मिश्र को सीओ की लाठी लग गई।

सीओ और एसओ स्थिति को नियंत्रण में करने एवं घर में कैद घायल रामगोपाल को बाहर लाकर

अस्पताल पहुंचाने के बजाय मौके से खिसक गए, जो अगले दिन जनाक्रोश का कारण बना और आगजनी,

तोड़फोड़ के रूप में सामने आया। इस मामले में पीड़ित परिवार ने सीओ के साथ मौके पर मौजूद रहे

और वहीं दूसरी तरफ हसीलदार रविकांत द्विवेदी को कठघरे में खड़ा किया है।

आरोपितों के नेपाल भागने की आशंका

मूर्ति विसर्जन में बवाल की रूपरेखा तैयार करने के साथ युवक को गोली मारकर हत्या कर दिया।

आरोपितों के नेपाल भागने की आशंका जताई जा रही है। मुख्य आरोपित सलमान का नेपाल से नाता है।

रामगांव के रेहुआ मंसूर निवासी 22 वर्षीय रामगोपाल मिश्र की रविवार को विसर्जन जुलूस के दौरान

पिटाई व गोली मारकर हत्या करने के मामले में पुलिस ने सलमान नामक युवक को चिह्नित किया है।

Share:

About Markandey Diwedi

दोस्तों नमस्कार आप सभी शुद्ध पाठकों को अवगत कराना है कि राष्ट्रीय हिंदी मासिक पत्रिका public mukhbir जो बहराइच से प्रकाशित होकर पूर्वांचल के बस्ती, गोरखपुर ,कुशीनगर, सिद्धार्थ नगर ,देवरिया, महराजगंज, गोंडा ,बहराइच se Bihar rajya में प्रसारण हो रहा है मुझे यह विश्वास है कि हमारे द्वारा प्रकाशित किया गया समाचार आपको पसंद आएगा धन्यवाद

Check Also

ग्राहक बनकर उड़ाते थे सोना, फिर गलाकर मिटा देते थे सबूत!

ग्राहक बनकर उड़ाते थे सोना, फिर गलाकर मिटा देते थे सबूत!   अंतरजनपदीय महिला चोर …