अहंकार त्याग से ही मिलता है मोक्ष का मार्ग, श्रीमद्भागवत कथा में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब

महराजगंज। सदर ब्लॉक क्षेत्र के ग्राम पंचायत गौनरिया बाबू स्थित प्राचीन भगवान शिव मंदिर परिसर में 5 जून से 13 जून तक आयोजित श्रीमद्भागवत कथा पुराण में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है।
कथा के दौरान भक्तजन भक्ति और ज्ञान की गंगा में डुबकी लगाकर आध्यात्मिक लाभ प्राप्त कर रहे हैं।
कथा व्यास वशिष्ठ पाण्डेय श्रद्धालुओं को श्रीमद्भागवत कथा का रसपान कराते हुए धर्म, भक्ति और मोक्ष का महत्व समझा रहे हैं। वहीं कथा परीक्षित रीता सिंह श्रद्धाभाव से कथा श्रवण कर रही हैं।
लौकिक संसार का मोह
कथा व्यास ने कहा कि श्रीमद्भागवत महापुराण केवल धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि मानव जीवन को सही दिशा देने वाला दिव्य मार्गदर्शक है। इसके माध्यम से मनुष्य लौकिक संसार के मोह-माया से ऊपर उठकर मोक्ष के मार्ग का दर्शन कर सकता है।
अपने प्रवचन में उन्होंने कहा कि मनुष्य के शरीर का सबसे बड़ा शत्रु अहंकार है। जब तक व्यक्ति अहंकार, लोभ और मोह का त्याग नहीं करता, तब तक उसे सच्चे सुख और परम शांति की प्राप्ति नहीं हो सकती। जो व्यक्ति अहंकार का परित्याग कर विनम्रता, सेवा और भक्ति का मार्ग अपनाता है, वही परमधाम को प्राप्त करने का अधिकारी बनता है।
कथा स्थल पर प्रतिदिन भजन-कीर्तन और धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन हो रहा है, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय बना हुआ है।
आध्यात्मिक आनंद का अनुभव
श्रद्धालु बड़ी संख्या में पहुंचकर कथा श्रवण कर रहे हैं और भगवान की भक्ति में लीन होकर आध्यात्मिक आनंद का अनुभव कर रहे हैं।
आयोजन कर्ता ने क्षेत्रवासियों से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर कथा का लाभ लेने की अपील की है।इस आयोजन के श्रोता बेचू, महातम, प्रिंस, रामप्रसाद, अयोध्या गोसाई, अंशुमान, आदित्य सिंह, संत शर्मा, संगीता, शिव शक्ति, कुन्ती आदि बहुत संख्या में शामिल रहें।
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