चार दिन से बिजली का ‘बवाल’! बैकुंठपुर में 10 एमवीए ट्रांसफार्मर फेल, गर्मी में बेहाल गांव।
33/11 केवी पावर हाउस की व्यवस्था पर सवाल; चार दिन बाद भी आपूर्ति संकट बरकरार, JE से लेकर SDO, XEN और AC स्तर तक जवाबदेही तय करने की मांग
महाराजगंज। जनपद के 33/11 केवी बैकुंठपुर पावर हाउस का 10 एमवीए ट्रांसफार्मर पिछले चार दिनों से खराब होने के कारण आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में विद्युत संकट गहरा गया है।
भीषण गर्मी के बीच बिजली आपूर्ति प्रभावित होने से घरों में पंखे-कूलर बंद हैं और बच्चे, बुजुर्ग व महिलाएं गर्मी से परेशान हैं। लगातार चौथे दिन भी समस्या कायम रहने से उपभोक्ताओं में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
चार दिन का समय बीतने के बावजूद ट्रांसफार्मर को दुरुस्त नहीं कराया जा सका है। इससे विद्युत विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। लोगों का कहना है कि जब खराबी की जानकारी विभाग के संज्ञान में आ गई थी तो तत्काल मरम्मत, वैकल्पिक व्यवस्था या दूसरे ट्रांसफार्मर की व्यवस्था क्यों नहीं की गई? आखिर चार दिनों से विभागीय कार्रवाई किस स्तर पर अटकी हुई है?
बिजली संकट ने बढ़ाई परेशानी, व्यवस्था पर उठे सवाल
लगातार बिजली प्रभावित रहने से घरेलू कामकाज के साथ पेयजल व्यवस्था भी प्रभावित हो रही है। उमस भरी गर्मी में विद्युत आपूर्ति का इंतजार कर रहे लोगों की परेशानी लगातार बढ़ रही है। खासकर बच्चों और बुजुर्गों के लिए गर्मी में बिना बिजली रहना मुश्किल साबित हो रहा है।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि 10 एमवीए के ट्रांसफार्मर को ठीक कराने या बदलने के लिए विभाग ने चार दिनों में क्या कार्रवाई की?
क्या तकनीकी टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की? यदि ट्रांसफार्मर की मरम्मत संभव नहीं है तो वैकल्पिक ट्रांसफार्मर की व्यवस्था क्यों नहीं की गई? इन सवालों का स्पष्ट जवाब अभी सामने नहीं आया है।
JE , SDO, XEN से AC तक तय हो जवाबदेही
मामले में जेई, एसडीओ, एक्सईएन और एसी स्तर के अधिकारियों की भूमिका की जांच कराने की मांग उठ रही है। जांच में यह सामने आना चाहिए कि ट्रांसफार्मर खराब होने की सूचना कब मिली, उसके बाद क्या कार्रवाई की गई और विद्युत व्यवस्था बहाल करने में देरी की वजह क्या रही।
मांग है कि उच्चाधिकारी तत्काल मामले का संज्ञान लेकर मौके की स्थिति की जांच कराएं। खराब ट्रांसफार्मर को जल्द दुरुस्त अथवा बदलवाकर विद्युत आपूर्ति सामान्य कराई जाए। यदि जांच में किसी अधिकारी या कर्मचारी की लापरवाही सामने आती है तो उसकी जवाबदेही तय कर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
विभाग की चुप्पी से बढ़ रहा असमंजस
अब तक बिजली विभाग के उच्च अधिकारियों की ओर से ट्रांसफार्मर खराब होने के कारण और आपूर्ति सामान्य होने की संभावित समय-सीमा को लेकर कोई स्पष्ट जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है। इससे उपभोक्ताओं में असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
यदि समस्या तकनीकी खराबी, ओवरलोड, स्पेयर की उपलब्धता या किसी अन्य कारण से है तो विभाग को इसकी वास्तविक स्थिति सार्वजनिक करनी चाहिए। लोगों को यह जानने का अधिकार है कि बिजली संकट की वजह क्या है और व्यवस्था कब तक सामान्य होने की उम्मीद है।
अब समाधान का इंतजार
लगातार चार दिनों से जारी बिजली संकट ने बैकुंठपुर क्षेत्र की विद्युत व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। लोगों की मांग है कि उच्चाधिकारी केवल स्थिति की जानकारी लेने तक सीमित न रहें, बल्कि तत्काल प्रभावी कदम उठाकर आपूर्ति बहाल कराएं।
चार दिन से 10 एमवीए ट्रांसफार्मर खराब है, लेकिन अब तक समाधान नहीं हुआ। सवाल यही है—आखिर बिजली विभाग की कार्रवाई कहां तक पहुंची और जनता को राहत कब मिलेगी?
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