धधकती चिता के सामने सगाई की तैयारी!
श्मशान घाट की जमीन पर विवाह भवन बनाने की तैयारी का आरोप, ग्रामीणों ने डीएम से लगाई रोक की गुहार
महराजगंज। सदर तहसील क्षेत्र के ग्राम पंचायत भिसवां में श्मशान घाट की जमीन को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश देखने को मिल रहा है।
ग्रामीणों ने डीएम को शिकायती पत्र देकर आरोप लगाया है कि श्मशान घाट की भूमि पर ग्राम प्रधान द्वारा प्रस्तावित विवाह भवन निर्माण कराया जा रहा है, जिसे तत्काल रोकने की मांग की गई है।
शिकायत के अनुसार गांव में पीडब्ल्यूडी गोदाम के बगल में स्थित श्मशान घाट पर वर्षों से ग्रामीणों के शवों का अंतिम संस्कार होता चला आ रहा है।
शिकायती पत्र में कहा गया है कि पूर्व ग्राम प्रधानों द्वारा श्मशान घाट के नाम पर पौधरोपण भी कराया गया था और वर्ष 2015 में यहां सूचना बोर्ड लगाया गया था।
मनरेगा कार्य से संबंधित बोर्ड भी लगाए जाने की बात कही गई है।
शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि वर्तमान ग्राम प्रधान/प्रशासक द्वारा जेसीबी मशीन से श्मशान घाट परिसर में लगे पेड़ों को बराबर कर दिया गया,
जहां होती है अंतिम विदाई, वहां विवाह भवन की तैयारी! ग्रामीणों में उबाल, डीएम से निर्माण रोकने की मांग
जिसके बाद ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ गई। ग्रामीणों की मांग है कि उक्त भूमि को राजस्व अभिलेखों में श्मशान घाट के नाम से दर्ज किया जाए और वहां किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य न कराया जाए।
दो टूक—पहले अंतिम संस्कार की जगह बचाइए,फिर विकास की बात कीजिए
शिकायती पत्र में ग्रामीणों ने डीएम से जनहित को देखते हुए श्मशान घाट की भूमि पर प्रस्तावित विवाह भवन निर्माण कार्य को तत्काल रोकने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है
श्मशान घाट केवल जमीन का टुकड़ा नहीं, बल्कि गांव की अंतिम संस्कार व्यवस्था से जुड़ा सार्वजनिक स्थल है।
अब सवाल यह है कि क्या श्मशान घाट की जमीन पर विवाह भवन निर्माण की अनुमति दी जा सकती है? ग्रामीणों की
शिकायत के बाद प्रशासन इस मामले में क्या कार्रवाई करता है, यह देखने वाली बात होगी।
नोट विवाह भवन निर्माण और जमीन की स्थिति को लेकर लगाए गए आरोप शिकायत पत्र पर आधारित हैं।वास्तविक स्थिति राजस्व अभिलेख और प्रशासनिक जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।
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