प्रतापगढ़ में साइबर ठगी के ‘बैंकिंग नेटवर्क’ का भंडाफोड
42.65 करोड़ की रकम का खुलासा; 500 से ज्यादा शिकायतों से जुड़े तार
प्रतापगढ़। यूपी। साइबर अपराध के खिलाफ प्रतापगढ़ पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस अधीक्षक दीपक भूकर के निर्देशन में क्राइम ब्रांच ने फर्जी फर्मों के नाम पर बैंक खाते खुलवाकर साइबर ठगी की रकम को खपाने वाले संगठित गिरोह का पर्दाफाश करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस जांच में आरोपियों से जुड़े खातों के जरिए करीब 42 करोड़ 65 लाख 23 हजार 649 रुपये के संदिग्ध साइबर फ्रॉड लेन-देन का खुलासा हुआ है। वहीं गृह मंत्रालय के समन्वय पोर्टल के प्रारंभिक विश्लेषण में इनके बैंक खातों और मोबाइल नंबरों के तार देशभर की 500 से अधिक साइबर अपराध शिकायतों से जुड़े मिले हैं।
क्राइम ब्रांच ने 15 सितंबर को शाकिब खान निवासी पटना और संदीप कुमार निवासी पटना, बिहार को गिरफ्तार किया। दोनों के खिलाफ बीएनएस की धारा 318(4), 319(2) और 66डी आईटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था।
मामले की शुरुआत कोतवाली देहात में दर्ज उस शिकायत से हुई, जिसमें 16 जुलाई को डॉ. सुमनेश सिंह के बैंक खाते से साइबर ठगी के जरिए 2.50 लाख रुपये निकाल लिए गए थे। जांच में पुलिस ऐसे नेटवर्क तक पहुंची, जो फर्जी किरायानामा, उद्यम/MSME और जीएसटी दस्तावेजों के जरिए फर्जी फर्में बनाकर उनके नाम पर करंट व कॉर्पोरेट खाते खुलवाता था।
प्रतापगढ़ में साइबर ठगी के साम्राज्य का भंडाफोड़, 42.65 करोड़ के लेन-देन से मचा हड़कंप
जांच में विभिन्न बैंकों में 109 फर्मों के खाते सक्रिय मिले। खातों के साथ सिम, ई-मेल आईडी और अन्य बैंकिंग संसाधन उपलब्ध कराकर कमीशन लिया जाता था। गिरोह के तार ऑनलाइन सट्टेबाजी, फर्जी ट्रेडिंग-इन्वेस्टमेंट, कोरियर ठगी और वायरसयुक्त APK के जरिए होने वाले साइबर अपराधों से भी जुड़े मिले।
तलाशी में लैपटॉप, POS मशीन, छह मोबाइल, छह पेन ड्राइव, कार्ड रीडर, डिजिटल सिग्नेचर डिवाइस, चेकबुक, एटीएम कार्ड, QR कोड सहित कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद हुए। पुलिस ने विवेचना के दौरान कई अतिरिक्त धाराएं भी बढ़ाई हैं। मामले में अन्य आरोपियों और करोड़ों के लेन-देन की कड़ियां खंगाली जा रही हैं।
अभिषेक सिंह की रिपोर्ट पुलिस मुखबिर न्यूज प्रतापगढ़ ब्यूरो प्रभारी यूपी
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