Crime: पुलिस द्वारा मृत घोषित 14 वर्षीया बालिका,डेढ़ साल बाद वापस लौटी घर
Crime: पुलिस जुल्म की कहानी बयां करते खौफ से सहम जा रहे थे परिजन
Crime: यूपी के महराजगंज में घुघली थाना क्षेत्र के पोखरभिंडा गांव से एक सनसनीखेज खुलासा हुआ है।
बताया जाता है कि बीते 21 जून 2023 से लापता बालिका 13 दिसंबर को अपने घर वापस आ गई है।
लोग आगबबूला तब हो गये कि जब प्रीति के मांग में सिंदूर भरा देखें।
कहानी अजीबोगरीब है
कहानी अजीबोगरीब है,उसने बताया कि वह बगहा में रह रही थी और मौका मिलते ही घर सूचना दें दिया।
मिली जानकारी के अनुसार उसके ही पुत्र ने उसकी मांग भर दिया। प्रीति अभी नाबालिग है।
वहीं गायब होने के बाद हत्या के जुर्म में उसके पिता और भाई को पुलिस ने जेल भेज दिया।
पिता संजय दुसाध और बड़े भाई अम्बरीष को न्याय के बजाय गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
संजय और उसके भाई अम्बरीष ने बताया कि बेटी के गायब होने के कई दिनों बाद हमें थाने बुलाया गया
जबरन फंसाया गया
उन्होंने कहा कि एक अज्ञात बालिका का शव निचलौल थाना क्षेत्र में मिला था।
घुघली पुलिस ने उक्त बालिका के शव का शिनाख्त प्रीति के तौर पर जबरन करवा दिया
उन्होंने कहा कि हत्या के जुर्म में पिता संजय और भाई अम्बरीष को गलत तरीके से जेल भेज दिया।
जब इस बारे में उनके पुत्र अम्बरीष से पूछा कि यह सब कैसे हो गया,आप ने शव का शिनाख्त किया था
इस पर संजय और उनके बेटे अम्बरीष ने बताया कि बार बार मना करने पर थानेदार प्रीति का बता रहे थे।
पुलिस की रवैए से बर्बाद हो गया परिवार
उन्होंने कहा कि हमें शव को दिखाया तक नहीं, बल्कि हम लोगों का प्रताड़ना किया गया।
संजय और बेटे अम्बरीष ने बताया कि थानेदार ने प्रीति की जबरदस्ती हत्या कबूल करवाया
उन्होंने कहा कि दबाव बनाकर उन्हें बुरी तरह से मारा पीटा और बेइंतहा जुल्म किया।
पुलिस ने हम दोनों पर इतना जुल्म किया कि उसका शब्दों में बयां करना मुश्किल है।
कहा कि मारपीट कर ऐसा माहौल बनाया कि शव को बिना देखे ही प्रीति के शव को स्वीकार करना पड़ा।
उन्होंने कहा कि पुलिस की कार्यप्रणाली से मेरा पूरा परिवार बर्बाद हो गया।
बेटी के गायब होने की सदमा और फर्जी हत्या का केस
संजय ने कहा कि एक तरफ नाबालिक बेटी के लापता होने का सदमा और दूसरी तरफ हत्या का मामला
अपनी ही बेटी की फर्जी हत्या के आरोप ने मुझे और मेरे स्वजनों को तोड़ कर रख दिया।
इस मामले को लेकर कोर्ट कचहरी तक मेरा पांच लाख रुपए से अधिक खर्च हो गए।
पैसों का इंतजाम करने में हमारी ज्यादातर कृषि भूमि आज भी बंधक है।
इतना ही नहीं मुझे और मेरे पुत्र अम्बरीष को बेटी की फर्जी हत्या का अपमान झेलना पड़ा।
प्रीति ने कहा वर्ष 2023 के जून महीने में मेरे ही पोखरभिंडा गांव के एक परिवार में बुलावे पर गई थी।
उन्होंने कहा कि उक्त परिवार के दो नवयुवकों ने मेरे साथ गलत कार्य किया था।
इसके बाद वह वहां से भागकर पड़ोसी गांव भरवलिया में एक रिश्तेदार के यहां चली गई।
मुझे विहार के बगहा में अकेले छोड़ दिए लोग
वहां भी उक्त युवक मुझे बाइक कर बैठकर बिहार राज्य के बगहा में छोड़कर फरार हो गए।
मैं वहां पर अकेले पाकर रोने लगी। इसी दौरान मुझे रोता देखकर पूछा
उनसे कहा कि मैने आप बीती सुनाई जिसपर मुझे अपने घर लेते गए।
Crime: उन्होंने कहा कि मैं वहां पर एक बेटी की तरह रहने लगी।
तीन चार महीने बाद मैने दुखी शाह के बेटे मनजीत कुमार से शादी का ऑफर किया
जिस पर उनके परिजन तैयार हो गए और मैने उनसे शादी कर ली।
बाद में वहां मेरे पिता संजय को बगहा में होने की सूचना दी गई।
उसने कहा कि सूचना पाकर मेरे पिता मुझे पोखरभिंडा घर लेकर आए हैं।
PM News 18 Hindi News Website
