Pradushan : दिल्ली में ठंढ के साथ प्रदूषण का खतरा बढा
Pradushan दिल्ली में ठंड की दस्तक के साथ ही खतरा भी बढ़ने लगा है।
रजधानी में लगातार चौथे दिन दिल्ली की हवा खराब श्रेणी में दर्ज की गई है।
एक्यूआई 300 के पार
कई इलाकों में एक्यूआई 300 के पार भी पहुंच गया है। दिल्ली के आनंद विहार, अक्षरधाम
और इसके आसपास के इलाकों में एक्यूआई 334 के साथ बहुत खराब श्रेणी में दर्ज किया गया है।
शनिवार सुबह कई हिस्सों में धुंध की परत भी देखी गई।
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हवा की बिगड़ती गुणवत्ता दिल्लीवासियों का सांस लेना भी मुश्किल हो गया है।
एक शख्स ने बढ़ते Pradushan की स्थिति को देखते हुए कहा, हमें सांस लेने में भी परेशानी हो रही है।
सरकार को Pradushan कम करने के लिए जरूरी कम उठाने चाहिए।
कहां कितना एक्यूआई
आंकड़ों के अनुसार, मुंडका और बवाना में एक्यूआई 366, वजीरपुर में 355, जहांगीरपुरी में 347
और आनंद विहार में 333 दर्ज किया गया जो ‘बहुत खराब’ श्रेणी में आता है।
इसके अलावा, इंडिया गेट के पास 251, नेहरू पार्क के पास 209, आईटीओ के पास 226,
भीकाजी कामा प्लेस के पास 273 एम्स के पास 253 एक्यूआई दर्ज किया गया, जो ‘खराब’ श्रेणी में था।
इससे पहले शुक्रवार को AQI 292 पर पहुंच गया था। वहीं वजीरपुर में एक्यूआई 390 की रीडिंग के साथ
धूल प्रदूषण प्रमुख कारक हैं
दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) के अन्य हिस्सों में धूल Pradushan प्रमुख कारक हैं
जो हवा की गुणवत्ता को बदतर बना रहे हैं। पूर्वी हवाएं शुरू हो गई हैं।
शून्य और 50 के बीच एक्यूआई को ‘अच्छा’, 51 और 100 के बीच ‘संतोषजनक’, 101, 200 के बीच ‘
मध्यम’, 201 और 300 के बीच ‘खराब’, 301 और 400 के बीच ‘बेहद खराब’ तथा 401 और 500 के
बीच एक्यूआई को ‘गंभीर’ श्रेणी में माना जाता है।उधर दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने
शुक्रवार को कहा था कि सरकार ने शहर में बहुत खराब वायु गुणवत्ता वाले 13 स्थानों पर
समन्वय समितियों का गठन किया
Pradushan की पहचान करने, उन्हें कम करने के लिए समन्वय समितियों का गठन किया है।
उन्होंने कहा कि पूरी दिल्ली ‘खराब’ हवा में सांस ले रही है, लेकिन 13 ‘हॉटस्पॉट’ में वायु की गुणवत्ता
खराब’ है, एक्यूआई 300 को पार कर गया है। ‘हॉटस्पॉट’ क्षेत्र हैं, जहां प्रदूषण का स्तर अधिक है।
इन 13 स्थानों में नरेला, बवाना, मुंडका, वजीरपुर, रोहिणी, आर के पुरम, ओखला, जहांगीरपुरी,
आनंद विहार, पंजाबी बाग, मायापुरी और द्वारका सेक्टर-8 शामिल हैं।
प्रदूषण संबंधी दिशा निर्देश का पालन करें
सख्ती से पालन
एक बयान में कहा एक बैठक में राय ने अधिकारियों को Pradushan संबंधी सभी दिशा-निर्देशों का
सख्ती से पालन करने का निर्देश दिया। कहा कि समितियों का नेतृत्व दिल्ली नगर के उपायुक्त करेंगे।
उन्होंने कहा कि सभी ‘हॉटस्पॉट’ पर डीपीसीसी इंजीनियर को भी तैनात किया गया है
और वे ‘पॉल्यूशन वॉर रूम’ को दैनिक रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे। उन्होंने कहा कि 13 ‘हॉटस्पॉट’ पर 300 से
अधिक वायु गुणवत्ता (एक्यूआई) के लिए धूल कणों को प्रमुख कारकों में से एक के रूप में पहचाना गया
उन्होंने इन क्षेत्रों में हवा में धूल कणों को कम करने के लिए 80 मोबाइल ‘एंटी-स्मॉग गन’ तैनात की गई हैं।
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