7.50 किलो ट्यूमर का चमत्कारी ऑपरेशन
एम्स के डॉक्टरों ने बचाई महिला की जान
रायबरेली। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के चिकित्सकों ने एक बेहद जटिल सर्जरी कर 46 वर्षीय महिला के गर्भाशय से 7.50 किलोग्राम का विशाल ट्यूमर सफलतापूर्वक निकालकर नई जिंदगी दी। करीब तीन घंटे तक चली इस कठिन सर्जरी के बाद महिला की हालत में सुधार हुआ और सोमवार को उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
जानकारी के अनुसार, महिला लंबे समय से पेट में लगातार बढ़ रही सूजन से परेशान थी। प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग की ओपीडी में जांच के दौरान पता चला कि गर्भाशय में लगभग 7.50 किलो वजन का फाइब्रॉयड ट्यूमर है,
जिसने पेट के अधिकांश हिस्से को घेर लिया था। जांच में नाभि के पास हर्निया की भी पुष्टि हुई। महिला पहले से मधुमेह (शुगर) और उच्च रक्तचाप (बीपी) जैसी बीमारियों से भी जूझ रही थी, जिससे सर्जरी और अधिक चुनौतीपूर्ण हो गई।
विशेषज्ञ टीम ने संभाली कमान
प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. पारुल सिन्हा तथा एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. अपाला प्रियदर्शिनी की देखरेख में ऑपरेशन किया गया। इस दौरान जनरल सर्जरी विभाग के डॉ. शिरीष और एनेस्थीसिया विभाग के डॉ. कालीचरण दास सहित विशेषज्ञों की संयुक्त टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
एम्स के चिकित्सकों ने बताया कि समय पर जांच और विशेषज्ञ उपचार के कारण इतनी बड़ी और जटिल सर्जरी सफलतापूर्वक पूरी की जा सकी। महिला अब पूरी तरह स्वस्थ होने की ओर अग्रसर है।
रवि शंकर सिंह की रिपोर्ट पुलिस मुखबिर न्यूज रायबरेली ब्यूरो प्रभारी यूपी
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