Friday , 28 August 2026

मानकविहीन विद्यालयों पर शिकंजा कब

मानकविहीन विद्यालयों पर शिकंजा कब 

 

आठवीं की मान्यता, इंटर तक कक्षाएं—धड़ल्ले से दौड़ रहे वाहन, 40-50 बच्चों के भरोसे चल रहे स्कूल

 

महराजगंज। जनपद में शिक्षा व्यवस्था को लेकर एक गंभीर तस्वीर सामने आ रही है। जिले के विभिन्न क्षेत्रों में ऐसे विद्यालयों के संचालन का आरोप है, जिनके पास सीमित कक्षाओं तक की मान्यता है, लेकिन उनमें उससे आगे की कक्षाएं भी संचालित की जा रही हैं।

कहीं आठवीं तक की मान्यता के बावजूद इंटर तक की पढ़ाई कराने का दावा किया जा रहा है तो कहीं पर्याप्त संसाधन और निर्धारित मानकों के अभाव में दर्जनों विद्यार्थियों का भविष्य दांव पर लगा है।

 सबसे बड़ा सवाल

विद्यालयों में आने-जाने वाले वाहनों को लेकर भी उठ रहा है। कई स्थानों पर स्कूली बच्चों को ढोने वाले वाहन धड़ल्ले से संचालित हो रहे हैं। वाहनों की फिटनेस, परमिट, चालक की योग्यता, सुरक्षा उपकरण और बच्चों की क्षमता जैसे मानकों की जांच को लेकर अभिभावकों में चिंता बनी हुई है।

मान्यता कुछ कक्षाओं की, पढ़ाई इंटर तक

शिक्षा विभाग के नियमों के अनुसार विद्यालय संचालन के लिए निर्धारित मानकों और संबंधित कक्षाओं की मान्यता आवश्यक होती है। इसके बावजूद यदि किसी विद्यालय में स्वीकृत कक्षाओं से आगे की पढ़ाई संचालित हो रही है तो यह गंभीर जांच का विषय है। सवाल यह है कि ऐसे विद्यालयों का निरीक्षण आखिर कितनी नियमितता से हो रहा है और जिम्मेदार विभाग कार्रवाई क्यों नहीं कर रहा?

40-50 विद्यार्थियों पर भी सवाल

ग्रामीण और कस्बाई क्षेत्रों में कुछ विद्यालय सीमित संसाधनों के बीच 40-50 विद्यार्थियों के सहारे संचालित होने की बात सामने आ रही है। पर्याप्त कक्ष, प्रशिक्षित शिक्षक, पेयजल, शौचालय, अग्निशमन व्यवस्था, खेल मैदान तथा बच्चों की सुरक्षा से जुड़े मानकों की वास्तविक स्थिति की जांच जरूरी है।

अभिभावकों का कहना है कि वे बच्चों के बेहतर भविष्य की उम्मीद में फीस जमा करते हैं, लेकिन यदि विद्यालय निर्धारित मानकों पर खरे नहीं उतर रहे हैं तो इसका सीधा असर विद्यार्थियों की शिक्षा और सुरक्षा पर पड़ सकता है।

कागजों में व्यवस्था, जमीन पर कितनी हकीकत?

अब जरूरत इस बात की है कि शिक्षा विभाग जिले में संचालित निजी विद्यालयों की मान्यता, कक्षावार अनुमति, शिक्षक संख्या, भवन की स्थिति और मूलभूत सुविधाओं की व्यापक जांच कराए। साथ ही स्कूली वाहनों की फिटनेस और सुरक्षा मानकों की भी संयुक्त जांच हो।

बड़ा सवाल यह है

यदि मान्यता आठवीं तक है तो इंटर तक की कक्षाएं किस अनुमति के आधार पर चल रही हैं? और यदि सब कुछ नियमों के अनुसार है तो विभाग सार्वजनिक रूप से स्थिति स्पष्ट क्यों नहीं करता?

अभिभावकों की मांग है कि जिले में अभियान चलाकर मानकविहीन विद्यालयों और नियमों की अनदेखी कर संचालित स्कूली वाहनों की जांच की जाए। जांच में अनियमितता मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई हो, ताकि बच्चों के भविष्य और सुरक्षा से किसी भी स्तर पर समझौता न हो।

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दोस्तों नमस्कार आप सभी शुद्ध पाठकों को अवगत कराना है कि राष्ट्रीय हिंदी मासिक पत्रिका public mukhbir जो बहराइच से प्रकाशित होकर पूर्वांचल के बस्ती, गोरखपुर ,कुशीनगर, सिद्धार्थ नगर ,देवरिया, महराजगंज, गोंडा ,बहराइच se Bihar rajya में प्रसारण हो रहा है मुझे यह विश्वास है कि हमारे द्वारा प्रकाशित किया गया समाचार आपको पसंद आएगा धन्यवाद

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