Monday , 31 August 2026

Hindu unity:बागेश्वर धाम से शुरू हुई सनातन हिंदूएकता पदयात्रा जाने यात्रा का रहस्य

Hindu unity:बागेश्वर धाम से शुरू हुई सनातन हिंदूएकता पदयात्रा जाने यात्रा का रहस्य

पंडित धीरेंद्र शास्त्री के आह्वान पर लाखों की संख्या में पहुंचे लोग

Hindu unity: बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की सनातन हिंदू एकता पदयात्रा की शुरुआत हो गई है।

पदयात्रा को लेकर गढ़ा स्थित बागेश्वर धाम में बाबा की अपील पर लाखों की संख्या में हिंदू पहुंच गए हैं।

इतने भक्तों के साथ बाबा बागेश्वर धाम से ओरछा तक पदयात्रा करेंगे। यह पदयात्रा करीब 160 किमी की है।

बाबा ने पदयात्रा की शुरुआत से पहले कहा है कि हमें छेड़ोगे तो हम छोड़ेंगे नहीं।

पदयात्रा में शामिल होने के लिए देश के अलग-अलग हिस्सों से लाखों की संख्या में हिंदू श्रद्धालु पहुंच गए है

बागेश्वर धाम में आलम यह है कि वहां पैर रखने की जगह नहीं है। हिंदू भक्तों से बागेश्वर धाम पट्टा पड़ा है।

धाम से जुड़े लोगों का कहना है कि लाखों की संख्या में यहां भक्त पहुंच गए।

शुरू हो गई बागेश्वर धाम की पदयात्रा

पं धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने देश के अलग-अलग हिस्सों से आए हिंदू श्रद्धालुओं का अभिवादन किया है।

29 नवंबर को ओरछा में समापन होगा

पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की सनातन हिंदू एकता पदयात्रा की शुरुआत

गुरुवार को बागेश्वर धाम से हो गई है। यह यात्रा 160 किमी लंबी होगी।

21 नवंबर को बागेश्वर धाम से इसकी शुरुआत होने के बाद 29 नवंबर को ओरछा में समापन होगा।

पहले दिन पदयात्रा 15 किमी चलेगी और कदारी में रात्रि विश्राम। दूसरे दिन 17 किमी पर विश्राम।

तीसरे दिन 21 किमी और नौगांव के शांति कॉलेज व चौथे दिन 22 किमी और देवरी रेस्ट हाउस में विश्राम

पांचवें दिन 22 किमी यात्रा और मऊरानी में रात्रि विश्राम, छठे दिन 17 किमी पर घुघसी में रात्रि विश्राम

यात्रा का मतलब भेदभाव और जात-पात को मिटाना

सातवें दिन 17 किमी की यात्रा बाद निवाड़ी में विश्राम, 28 नवंबर को 15.5 किमी की यात्री तय कर

ओरछा के तिगैला में विश्राम और 29 नवंबर को यह यात्रा ओरछा पहुंचेगी।

बागेश्वर बाबा ने यात्रा से पहले कहा कि इसका मुख्य लक्ष्य यह है कि भेदभाव और जात-पात को मिटाना है।

इससे यह भी पता चलेगा कि गद्दार कौन है। हम यही चाहते हैं कि भेदभाव खत्म हो। हिंदू एकजुट हो।

हम वहां तक नहीं पहुंच रहे हैं इसलिए धर्मांतरण बढ़ रहे हैं। धर्मगुरुओं को गरीबों तक पहुंचना होगा।

आदिवासी नहीं, हम उन्हें अनादिवासी नाम दे रहे हैं। वह भगवान राम के समय से हैं। उन्हें हमें सम्मान देना होगा।

 

Share:

About Markandey Diwedi

दोस्तों नमस्कार आप सभी शुद्ध पाठकों को अवगत कराना है कि राष्ट्रीय हिंदी मासिक पत्रिका public mukhbir जो बहराइच से प्रकाशित होकर पूर्वांचल के बस्ती, गोरखपुर ,कुशीनगर, सिद्धार्थ नगर ,देवरिया, महराजगंज, गोंडा ,बहराइच se Bihar rajya में प्रसारण हो रहा है मुझे यह विश्वास है कि हमारे द्वारा प्रकाशित किया गया समाचार आपको पसंद आएगा धन्यवाद

Check Also

खरमास खत्म, खुशियों की एंट्री—सतुवानी संक्रांति का उल्लास

सतुवानी संक्रांति: नई फसल का उत्सव, गर्मी से राहत और आस्था का संगम खरमास खत्म, …