MANREGA: कागजों में सिमटकर रह गया मनरेगा योजना,धरातल पर गायब हो गए मजदूर
फोटो से फोटो लेकर फर्जी आनलाइन हाजिरी के तहत कार्य योजना में हों रहा खानापूर्ति ।
MANREGA: यूपी के महराजगंज में निचलौल के ग्राम रुद्रौली में मनरेगा योजना के तहत कार्य हो रहा है
जहां बताया जाता है कि कार्यों में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार सामने आया है।
सूत्रों की माने तो रोजगार सेवक और ग्राम प्रधान की मिलीभगत से धन का दुरुपयोग किया जा रहा है।
बताया जा रहा है कि पुराने फोटो से फोटो लगाकर लाखों रुपए का गोलमाल किया जा रहा है ।
सो रहे अधिकारी
मनरेगा योजना जिससे धरातल पर गायब हो गए मनरेगा मजदूरों के के लिए संकट खड़ा है।
मजे की बात है कि अधिकारियों की नज़र इन पर न पड़कर सिर्फ कमीशन पर टिका हुआ है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, निचलौल ब्लाक के ग्राम
रुद्रौली व पिपरा काजी के मध्य कार्य हो रहा है
जहां विरेन्दर के खेत से विजय के खेत तक मनरेगा योजना के तहत कार्य कागजों में हो रहा था।
बोल रहा सरकारी दस्तावेज
सरकारी दस्तावेज की माने तो इस कार्य के लिए वर्क कोड संख्या जारी है।
3152003LD/958486255824764325के तहत मस्टरोल नंबर 37370 से
37371,37372,37373,37374,37375,37376,37377,,37420,37421 तक
कार्य के लिए 10 मास्टर रोल जारी किए गए।जो कार्यस्थल का भौतिक सत्यापन किया।
जब देखा गया तो पाया कि मौके पर कार्य किया ही नहीं हुआ है
ऑनलाइन फर्जी हाजिर नहीं दिखे मजदूर
लेकिन आनलाइन हाजिरी चल रहा था जो मौके पर एक भी मजदूर काम नहीं कर रहे थे।
इसके बावजूद रोजगार सेवक द्वारा प्रतिदिन 100 से अधिक मजदूरों की फर्जी हाजिरी लगाई जा रही है।
सही माने तो हाजिरी के लिए फोटो से फोटो खींचकर जियो टैग किया जा रहा है।
लेकिन ब्लाक के आला अधिकारी जॉच के जगह पर मौन धारण कर मैनेज में लगे रहते हैं।
जरूरतमंदों तक नहीं पहुंच पा रहा मनरेगा का लाभ
जबकि सरकार मनरेगा योजना का उद्देश्य ग्रामीण बेरोजगारों को रोजगार मुहैया कराना है।
लेकिन इस योजना का लाभ जरूरतमंदों तक पहुंचने के बजाय रोजगार सेवक नीजी खर्च कर रहे हैं
पता चला है कि ग्राम प्रधान और ब्लॉक की मिलीभगत से उनके निजी स्वार्थ के लिए उपयोग किया जा रहा है।
इस संबंध में निचलौल ब्लाक के मनरेगा एपीओ शिवेन्द्र सिंह सुर्यवंशी ने कहा कि
अगर ऐसा है तो टीए को भेज कर जांच करा कर उचित कार्रवाई की जाएगी।
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