Road construction: पांच वर्ष के बजाय चार दिन में ही टट गई सड़क, करतूत छुपाने में जुटे जिम्मेदार
Road construction:यूपी के महराजगंज में बनाई जा रही सड़कें खुला माखौल उड़ाते नजर आ रहे हैं ।
सरकार सड़कों के गुणवत्ता युक्त निर्माण के लिए एक ओर जहां जिले पर खूब खजाना भेज रही है
सही माने तो जिम्मेदार उस खजाने से जैसी तैसी सड़क बनाकर कोरमपूर्ति कर रहे हैं।
किए करतूत पर पर्दा डाल रहा विभाग
सदर ब्लाक के कुटिया टोला से छावनी टोला नहर पटरी पर 15 दिन पहले जो सड़क बनी हुई थी
चार दिन में ही टूटनी शुरू हो गई, उस टूटी सड़कों पर राहगीरों ने विभाग को खुब लताड़ा
सड़क पर खुलेआम मिट्टी डालकर कमियों पर पर्दा डालने का प्रयास किया गया है।
जिम्मेदारों ने टूटे स्थान पर गिट्टी की जगह मिट्टी डाल गलती को छिपाने के लिए दूसरी गलती कर दिया है।
आश्चर्य की बात यह है कि जो सड़क पांच वर्ष के अंदर नहीं टूटनी चाहिए वह सड़क चार दिन में ही टूटने लगी
तीन वर्ष पहले ही बनी थी सड़क
नगर पालिका परिषद महराजगंज के हनुमानगढ़ी चौराहा से उत्तर दिशा की ओर पीच रोड निकली है।
आगे कुछ दूरी पर कुटिया टोला के पुलिया से होते हुए बांसपार वैजौली के छावनी टोला होते हुए
नहर पटरी निकली है। इस नहर पटरी पर तीन वर्ष पहले पीच रोड बना था।
इस सड़क को बनाने में सरकार की खजाने से करीब सवा करोड़ रूपये खर्च किया गया था।
लेकिन यह सड़क छह माह में ही टूटकर गड्ढों में तब्दील हो गयी थी।
बोर्ड लगाना ही भूल गया विभाग
सड़क टूटने के बाद इस सड़क के नवीनीकरण का कार्य कराकर दिसंबर 2024 से शुरू किया गया
Road construction: जिसको आनन-फानन में जनवरी पहले सप्ताह में पूरा भी हो गया।
लेकिन निर्माण के शुरूआत से लेकर अंतिम छोर पर कहीं भी कार्य से संबंधित बोर्ड भी नहीं लगाया गया।
पीच मार्ग के नवीनीकरण में घोर अनियमितता की चर्चा नै जोर पकड़ा।
धूल के ऊपर ही तारकोल मिलाकर बना दिया सड़क
Road construction: आरोप लगा कि सड़क के पूरब दिशा के छोर पर करीब 500 मीटर तक बना है।
पुरानी सड़क पर मिट्टी व धूल के ऊपर ही तारकोल मिला गिट्टी बिछाकर रोलर से दबा दिया गया।
ग्रामीणों व राहगीरों ने आशंका जतायी थी कि मौजूदा समय में जिस प्रकार से पीच का नवीनीकरण हो रहा है
उससे तो सड़क अधिक दिन तक नहीं टिक पाएगी। अब लोगों की आशंकाएं सही साबित हीने लगी हैं।
सड़क निर्माण में विभाग ने कर दिया खेला
सड़क तो टूटनी शुरू हो गई है। इस कमी को छिपाने के लिए टूटी जगह पर मिट्टी डाल दिया गया है।
जबकि सड़क पांच वर्ष पहले नहीं टूटनी चाहिए। लेकिन सड़क निर्माण में विभाग ने खुब खेला
टूट भी जाय तो उसे तारकोल (बिटुमिन) व गिट्टी से आदि से मजबूत बनाया जाना चाहिए।
लेकिन यहां ती जिम्मेदारों ने सड़क की मजबूत करने की बजाय उसपर मिट्टी डालना शुरू कर दिया है।
Road construction: बारिश हुई तो मिट्टी बह जाएगी और फिर से टूटी सड़क दिखनी शुरू हो जाएगी।
इस संबंध में जब एक्सईएन पीडब्लूडी धर्मपाल सिंह से बात करने की कोशिश की गई ।
Road construction: उन्होंने बताया कि वह अभी सीएम डैश बोर्ड की बैठक में हैं।
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