मिठौरा क्षेत्र में 16 उप स्वास्थ्य केंद्र बिना एएनएम के, मातृ स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित
महराजगंज। भारत सरकार के नीति आयोग द्वारा चयनित आकांक्षात्मक ब्लॉक मिठौरा में स्वास्थ्य सेवाएं स्टाफ की कमी के कारण पटरी से उतरती नजर आ रही हैं।
33 एएनएम तैनात 16 पर एएनएम नहीं
ब्लॉक के 49 उप स्वास्थ्य केंद्रों के सापेक्ष मात्र 33 एएनएम तैनात हैं, जबकि 16 उप स्वास्थ्य केंद्र बिना एएनएम के ही संचालित हो रहे हैं। इससे टीकाकरण, गर्भवती महिलाओं की जांच, प्रसव संबंधी सेवाओं और अन्य स्वास्थ्य कार्यक्रमों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
जानकारी के अनुसार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मिठौरा के अधीक्षक द्वारा रिक्त पदों पर एएनएम की तैनाती के लिए मुख्य चिकित्सा अधिकारी को कई बार पत्राचार किया जा चुका है, लेकिन अब तक कोई नियुक्ति नहीं हो सकी है। इसके चलते कई एएनएम को दो-दो उप स्वास्थ्य केंद्रों का अतिरिक्त प्रभार संभालना पड़ रहा है।
कागज में टीकाकरण
ग्रामीण क्षेत्रों में स्थिति यह है कि कई गांवों में सप्ताह में केवल एक दिन ही टीकाकरण सत्र आयोजित हो पा रहा है।
गर्भवती महिलाओं को नियमित जांच के लिए पांच से सात किलोमीटर दूर दूसरे स्वास्थ्य केंद्रों तक जाना पड़ रहा है। वहीं संस्थागत प्रसव के लक्ष्य और मातृ-शिशु स्वास्थ्य कार्यक्रम भी प्रभावित हो रहे हैं।
स्वास्थ्य कर्मियों का कहना है कि एक एएनएम द्वारा दो केंद्रों का कार्य संभालना बेहद कठिन है। फील्ड विजिट, टीकाकरण, रजिस्टर संधारण और अन्य स्वास्थ्य कार्यक्रमों का संचालन एक साथ करना चुनौती बन गया है।
मिलने वाली स्वास्थ्य सुविधाओं पर सवाल
इसका सीधा असर ग्रामीणों को मिलने वाली स्वास्थ्य सुविधाओं पर पड़ रहा है और कई बार छोटी-छोटी स्वास्थ्य समस्याओं के लिए भी लोगों को दूर-दराज के केंद्रों का सहारा लेना पड़ रहा है।
इस संबंध में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. नवनाथ प्रसाद ने बताया कि रिक्त पदों की जानकारी शासन को भेज दी गई है।
शासन स्तर से जैसे ही एएनएम की नियुक्ति अथवा आवंटन जिले को प्राप्त होगा, उन्हें तत्काल उन क्षेत्रों में तैनात किया जाएगा जहां एएनएम की संख्या कम है, ताकि स्वास्थ्य सेवाएं सुचारु रूप से संचालित हो सकें।
कैलाश सिंह के साथ अर्जुन पटेल सम्पादक पुलिस मुखबिर न्यूज
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