मनरेगा में फर्जीवाड़े का आरोप
बिना काम 1.80 लाख भुगतान, जिलाधिकारी से जांच की मांग
महराजगंज। सदर तहसील क्षेत्र के ग्राम महम्मदा निवासी अजीत शुक्ला ने ग्राम पंचायत महदेवा में मनरेगा योजना के तहत बड़े पैमाने पर अनियमितता का आरोप लगाते हुए जिलाधिकारी से निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
शपथपत्र के साथ दी गई शिकायत में कहा गया है कि व्यक्तिगत बागीचा समतलीकरण के नाम पर फर्जी कार्य आईडी बनाकर बिना किसी वास्तविक कार्य के करीब 1.80 लाख रुपये का भुगतान करा दिया गया।
मनरेगा में कथित फर्जीवाड़ा
शिकायत के अनुसार वित्तीय वर्ष 2024-25 में संबंधित कार्य के लिए 16 दिनों का मस्टररोल भी जारी किया गया, जबकि जिस व्यक्ति के नाम पर बागीचा दर्शाया गया है, उसके नाम से गांव में कोई बागीचा मौजूद ही नहीं है।
आरोप है कि रोजगार सेवक, तत्कालीन ग्राम पंचायत सचिव और ग्राम प्रधान ने कथित रूप से कूटरचित अभिलेख तैयार कर मनरेगा की धनराशि का भुगतान करा दिया।
शिकायतकर्ता का कहना है कि जिस भूमि को बागीचा बताकर कार्य दर्शाया गया, वह कई वर्ष पहले ही बेची जा चुकी थी। इसके बावजूद उसी भूमि पर कार्य दिखाकर सरकारी धन का भुगतान कराया गया।
डीएम से जांच की मांग
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इस संबंध में पूर्व में शिकायत की गई थी, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई।
अजीत शुक्ला ने जिलाधिकारी से पूरे प्रकरण की जिलास्तरीय जांच समिति से निष्पक्ष जांच कराने, दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध मनरेगा एसओपी और संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत कठोर कार्रवाई करने तथा सरकारी धन की वसूली सुनिश्चित करने की मांग की है।
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