Wednesday , 15 July 2026

अब बचना मुश्किल! महाराजगंज में ‘डिजिटल हंट’ पर पुलिस,

अब बचना मुश्किल! महाराजगंज में ‘डिजिटल हंट’ पर पुलिस,

यक्ष ऐप से 24×7 होगी अपराधियों की निगरानी

एसपी शक्ति मोहन अवस्थी की मैराथन अपराध समीक्षा बैठक में बड़ा फैसला, हर 48 घंटे में बीट पुलिस देगी 15 नई सूचनाएं; सीमा, तस्करी और लापता बच्चों पर विशेष फोकस

 

महराजगंज। जिले में अपराध और कानून-व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए पुलिस अधीक्षक शक्ति मोहन अवस्थी ने सख्त और तकनीक आधारित पुलिसिंग का खाका तैयार कर दिया है।

अपराधियों की हर चाल पर नजर

मंगलवार देर रात तक तथागत सभागार में चली मैराथन अपराध समीक्षा बैठक में एसपी ने स्पष्ट संदेश दिया कि अब अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई केवल पारंपरिक पुलिसिंग तक सीमित नहीं रहेगी,

बल्कि आधुनिक तकनीक और डिजिटल निगरानी के जरिए उनकी हर गतिविधि पर पैनी नजर रखी जाएगी।

 

यक्ष ऐप से अपराधियों की होगी ट्रैकिंग

बैठक में सबसे महत्वपूर्ण निर्णय ‘यक्ष (Yaksha) ऐप’ के व्यापक उपयोग को लेकर लिया गया। एसपी ने निर्देश दिया कि जिले के सभी हिस्ट्रीशीटरों और सक्रिय अपराधियों की गतिविधियों की लगातार निगरानी इस ऐप के माध्यम से की जाएगी।

प्रत्येक बीट अधिकारी को हर 48 घंटे के भीतर कम से कम 15 नई सूचनाएं ऐप पर अपलोड करना अनिवार्य होगा। इससे अपराधियों का डिजिटल प्रोफाइल तैयार होगा और उनकी गतिविधियों पर समय रहते कार्रवाई संभव हो सकेगी।

नेपाल सीमा से सटे महाराजगंज की संवेदनशीलता को देखते हुए एसपी ने सीमावर्ती क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। नए भवनों, नए मदरसों तथा अन्य संदिग्ध गतिविधियों की नियमित निगरानी कर उनका विवरण भी यक्ष ऐप पर दर्ज किया जाएगा।

साथ ही तस्करी, अवैध खनन और अन्य संगठित अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए संबंधित थाना प्रभारियों की सीधी जवाबदेही तय की गई है।

मिसिंग चाइल्ड पोर्टल पर रहेगा फोकस

बैठक में लापता बच्चों की खोज को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए प्रत्येक थाने में ‘मिसिंग चाइल्ड पोर्टल’ के लिए एक नोडल अधिकारी नामित करने के निर्देश दिए गए। एसपी ने कहा कि किसी भी बच्चे के लापता होने की सूचना मिलते ही तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

इसके अलावा महिलाओं के विरुद्ध अपराध, पॉक्सो एवं एससी-एसटी अधिनियम से जुड़े मामलों का समयबद्ध निस्तारण करने पर भी जोर दिया गया। एनसीएल पोर्टल पर 60 और 90 दिनों से लंबित मामलों की प्रतिदिन समीक्षा करने के निर्देश दिए गए, ताकि पीड़ितों को शीघ्र न्याय मिल सके।

अपराध नियंत्रण की नई रणनीति लागू

बैठक में स्पष्ट किया गया कि कानून-व्यवस्था से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। तकनीक आधारित निगरानी, जवाबदेही और त्वरित कार्रवाई के माध्यम से अपराधियों पर प्रभावी शिकंजा कसने के लिए पुलिस पूरी तरह तैयार है।

एसपी के इस नए डिजिटल अभियान को जिले में अपराध नियंत्रण की दिशा में एक महत्वपूर्ण और निर्णायक कदम माना जा रहा है।

Share:

About Arjun Patel

Check Also

देवरिया शाखा नहर में तैरता मिला युवक का शव,

देवरिया शाखा नहर में तैरता मिला युवक का शव, आधार कार्ड से हुई पहचान; परिजनों …