आस्था, सेवा और पर्यावरण संरक्षण का संगम बना लाखापुर का विशाल भंडारा
कांवड़ यात्रा एवं निशान के उपरांत करीब 7 हजार श्रद्धालुओं के लिए हुआ भंडारे का आयोजन, ग्रामीणों ने श्रमदान कर निभाई सेवा की जिम्मेदारी
मांधाता, प्रतापगढ़। नगर पंचायत मांधाता के वार्ड नंबर-5 लाखापुर में शुक्रवार, 21 अगस्त को ग्रामीणों के सामूहिक सहयोग से विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। कांवड़ यात्रा एवं निशान के उपरांत आयोजित इस भंडारे में आस्था,
सेवा और सामाजिक एकता का अद्भुत संगम देखने को मिला। करीब 7 हजार श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद की व्यवस्था की गई, जिसमें ग्रामीणों ने पूरे उत्साह और श्रद्धाभाव से सहभागिता निभाई।
भंडारे की तैयारियां एक दिन पूर्व से ही शुरू हो गई थीं। ग्रामीणों ने आपसी सहयोग से प्रसाद तैयार कराने, पंडाल लगाने, बैठने की व्यवस्था करने और श्रद्धालुओं को भोजन कराने तक की जिम्मेदारियां स्वयं संभालीं। सुबह से ही बड़ी संख्या में ग्रामीण श्रमदान करते नजर आए। सेवा भाव से जुटे ग्रामीणों ने आयोजन को सफल बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी।
पर्यावरण संरक्षण और शुद्धता का भी रखा विशेष ध्यान
इस भंडारे की खास बात यह रही कि धार्मिक आस्था के साथ-साथ पर्यावरण और स्वास्थ्य का भी विशेष ध्यान रखा गया।
श्रद्धालुओं को पानी पिलाने के लिए मिट्टी के कुल्हड़ों का प्रयोग किया गया, जबकि भोजन परोसने के लिए गन्ने से बने पर्यावरण अनुकूल पत्तलों का इस्तेमाल किया गया। वहीं, प्रसाद की शुद्धता और पारंपरिक स्वाद को ध्यान में रखते हुए घर के सरसों के तेल का प्रयोग किया गया।
आयोजकों की ओर से श्रद्धालुओं के लिए व्यवस्थित बैठने और भोजन कराने की व्यवस्था की गई। ग्रामीण स्वयं आगे बढ़कर श्रद्धालुओं की सेवा करते दिखाई दिए। पूरे आयोजन के दौरान श्रद्धा, भक्ति और सेवा का वातावरण बना रहा।
ग्रामीणों का कहना है कि धार्मिक आयोजन केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं होते, बल्कि ऐसे आयोजन आपसी भाईचारे, सामाजिक एकता, सहयोग और सेवा भावना को मजबूत करने का माध्यम भी बनते हैं। सामूहिक सहभागिता से आयोजित यह भंडारा इसी भावना का जीवंत उदाहरण रहा।
लाखापुर में आयोजित विशाल भंडारा ग्रामीणों की एकजुटता, सेवा भावना और पर्यावरण के प्रति जागरूकता की मिसाल बनकर क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।
अभिषेक सिंह पुलिस मुखबिर न्यूज, ब्यूरो प्रभारी प्रतापगढ़
PM News 18 Hindi News Website
