एक सामान, चार बिल और लाखों का भुगतान
मुंडेरी ग्राम पंचायत में ‘राज इंटरप्राइजेज’ के नाम पर घोटाले की गूंज
₹6.53 लाख के भुगतान पर उठे सवाल, ग्रामीणों ने मांगी उच्चस्तरीय जांच
महराजगंज। विकास खंड सिसवा अंतर्गत ग्राम पंचायत मुंडेरी में सरकारी धन को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
बताया जा रहा है कि एक ही कार्य में उपयोग की गई सामग्री के नाम पर अलग-अलग बिलों के जरिए लाखों रुपये के भुगतान का मामला सामने आने के बाद ग्रामीणों में आक्रोश है।
राज में छिपा है बड़ा राज
आरोप है कि ‘राज इंटरप्राइजेज’ नामक फर्म को चार अलग-अलग बिलों के माध्यम से कुल ₹6,53,672 का भुगतान किया गया, जबकि सामग्री और कार्य एक ही बताए जा रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, पंचायत अभिलेखों में दर्ज भुगतान विवरण के मुताबिक राज इंटरप्राइजेज के नाम पर निम्नलिखित बिलों के आधार पर राशि जारी की गई—बिल संख्या 129 – ₹1,94,220,बिल संख्या 135 – ₹1,79,280,बिल संख्या 245 – ₹1,49,447,बिल संख्या 152 – ₹1,30,725
इन चारों भुगतानों की कुल राशि ₹6,53,672 होती है।
आरोप है कि एक ही कार्य में प्रयुक्त सामग्री को अलग-अलग बिलों में दर्शाकर भुगतान कराया गया, जिससे वित्तीय अनियमितता की आशंका गहरा गई है।
कागजों में विकास, जमीनी हकीकत पर सवाल
ग्रामीणों का कहना है कि यदि एक ही सामान के लिए कई बिल लगाकर भुगतान कराया गया है तो यह सरकारी धन के दुरुपयोग का गंभीर मामला है। लोगों का आरोप है कि पंचायतों में विकास कार्यों के नाम पर कागजी खेल खेला जा रहा है, जबकि धरातल पर उसका असर दिखाई नहीं देता।
ग्रामीणों ने यह भी सवाल उठाया है कि आखिर राज इंटरप्राइजेज का वास्तविक संचालन कहां से हो रहा है और क्या फर्म ने संबंधित सामग्री की आपूर्ति वास्तव में की थी या नहीं।
सोशल मीडिया पर वायरल खबर के मुताबिक फर्म की कार्यप्रणाली, सामग्री आपूर्ति और भुगतान प्रक्रिया को लेकर भी संदेह व्यक्त किया जा रहा है।
अभिलेखों की जांच से खुल सकते हैं कई राज
स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि भुगतान से जुड़े अभिलेख, स्टॉक रजिस्टर, माप पुस्तिका, कार्यस्थल का सत्यापन और बिलों की तकनीकी जांच कराई जाए तो पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सकती है।
ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत निधि का एक-एक रुपया जनता के विकास के लिए होता है, इसलिए किसी भी प्रकार की अनियमितता को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।
प्रशासन की भूमिका पर टिकी निगाहें
मामला सामने आने के बाद अब ग्रामीणों की निगाहें प्रशासन और जांच एजेंसियों पर टिकी हुई हैं। लोगों ने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराने, दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने तथा यदि अनियमितता सिद्ध होती है तो सरकारी धन की वसूली सुनिश्चित करने की मांग की है।
यदि आरोप सही साबित होते हैं तो मुंडेरी ग्राम पंचायत का यह मामला पंचायत स्तर पर वित्तीय अनियमितताओं के बड़े खुलासे के रूप में सामने आ सकता है।
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