Friday , 31 July 2026

पहले नहर में मचाई हलचल, फिर 24 घंटे की जंग के बाद जीत गया रेस्क्यू ऑपरेशन

पहले नहर में मचाई हलचल, फिर 24 घंटे की जंग के बाद जीत गया रेस्क्यू ऑपरेशन

 

देवरिया शाखा नहर में भटकी गंगा डॉल्फिन सुरक्षित पकड़ी गई, मेडिकल जांच के बाद प्राकृतिक आवास में छोड़ा जाएगा 

महराजगंज/कुशीनगर। महराजगंज जिले की देवरिया शाखा नहर में पिछले एक सप्ताह से दिखाई दे रही दुर्लभ गंगा डॉल्फिन को करीब 24 घंटे तक चले रोमांचक और चुनौतीपूर्ण रेस्क्यू अभियान के बाद सोमवार को कुशीनगर जनपद के कप्तानगंज ब्लॉक अंतर्गत सिसवा शुक्ल नहर के समीप सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया गया।

वन विभाग, टर्टल सर्वाइवल एलायंस (TSA), स्थानीय पुलिस और ग्रामीणों के संयुक्त प्रयास से यह कठिन अभियान सफल रहा।

पूरे ऑपरेशन के दौरान इस बात का विशेष ध्यान रखा गया कि डॉल्फिन को किसी प्रकार की चोट या नुकसान न पहुंचे।

जानकारी के अनुसार, पिछले एक सप्ताह से देवरिया शाखा नहर में गंगा डॉल्फिन के देखे जाने की सूचना मिलने के बाद वन विभाग लगातार उसकी निगरानी कर रहा था।

डॉल्फिन नहर में लगातार अपना स्थान बदल रही थी, जिससे उसे सुरक्षित पकड़ना आसान नहीं था। कई बार टीम के पहुंचने से पहले ही वह दूसरे स्थान पर चली जाती थी, जिससे अभियान और अधिक चुनौतीपूर्ण बन गया।

घेराबंदी कर बचाई डॉल्फिन

रेस्क्यू अभियान को सफल बनाने के लिए गोरखपुर, महराजगंज और कुशीनगर वन प्रभाग की संयुक्त टीम के साथ लखनऊ से आए टर्टल सर्वाइवल एलायंस (TSA) के विशेषज्ञ लगातार रणनीति बनाकर ऑपरेशन चला रहे थे। सोमवार को सिसवा शुक्ल नहर के पास परिस्थितियां अनुकूल मिलने पर विशेषज्ञों ने सुनियोजित तरीके से घेराबंदी कर डॉल्फिन को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।

पूरे अभियान के दौरान वैज्ञानिक पद्धति अपनाई गई ताकि डॉल्फिन को तनाव या शारीरिक क्षति न पहुंचे।

रेस्क्यू के दौरान वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, वनकर्मी, स्थानीय थाना पुलिस तथा बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर मौजूद रहे। ग्रामीणों ने भी भीड़ को नियंत्रित रखने और टीम को आवश्यक सहयोग देकर अभियान को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि रेस्क्यू के बाद डॉल्फिन का मेडिकल चेकअप कराया जाएगा। स्वास्थ्य पूरी तरह सामान्य पाए जाने पर उसे उसके प्राकृतिक आवास में सुरक्षित छोड़ दिया जाएगा, ताकि वह सामान्य जीवन जी सके।

TSA विशेषज्ञों की अहम भूमिका

अधिकारियों ने बताया कि तीनों वन प्रभागों, टर्टल सर्वाइवल एलायंस (TSA), स्थानीय पुलिस और आमजन के उत्कृष्ट समन्वय तथा लगातार प्रयासों के कारण यह अभियान सफलता तक पहुंच सका।

विभाग ने अभियान में सहयोग करने वाले सभी अधिकारियों, कर्मचारियों, विशेषज्ञों, पुलिसकर्मियों और स्थानीय नागरिकों का आभार व्यक्त किया।

वन विभाग ने लोगों से अपील की है कि यदि कहीं गंगा डॉल्फिन या कोई अन्य वन्यजीव दिखाई दे तो उसे पकड़ने, परेशान करने या नुकसान पहुंचाने का प्रयास न करें, बल्कि तत्काल वन विभाग को सूचना दें, ताकि विशेषज्ञों की मदद से उसे सुरक्षित बचाया जा सके।

भारत का राष्ट्रीय जलीय जीव है गंगा डॉल्फिन

गंगा डॉल्फिन भारत का राष्ट्रीय जलीय जीव है और यह विलुप्तप्राय प्रजातियों में शामिल है। स्वच्छ नदियों की पहचान मानी जाने वाली यह डॉल्फिन मुख्य रूप से गंगा, घाघरा, गंडक और उनकी सहायक नदियों में पाई जाती है। इसके संरक्षण के लिए केंद्र और राज्य सरकारें लगातार विशेष अभियान चला रही हैं।

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दोस्तों नमस्कार आप सभी शुद्ध पाठकों को अवगत कराना है कि राष्ट्रीय हिंदी मासिक पत्रिका public mukhbir जो बहराइच से प्रकाशित होकर पूर्वांचल के बस्ती, गोरखपुर ,कुशीनगर, सिद्धार्थ नगर ,देवरिया, महराजगंज, गोंडा ,बहराइच se Bihar rajya में प्रसारण हो रहा है मुझे यह विश्वास है कि हमारे द्वारा प्रकाशित किया गया समाचार आपको पसंद आएगा धन्यवाद

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