गैरेज में खड़ी JCB पर खनन विभाग की कार्रवाई, अब न्यायालय में घिरा मामला
अवैध खनन का आरोप लगाकर कार्रवाई पर उठे सवाल; जांच में नहर-पटरी पर नहीं मिला खनन, ग्रामीणों ने जताई नाराजगी
महराजगंज। निचलौल क्षेत्र के अरदौना गांव में गैरेज में खड़ी जेसीबी मशीन को कथित अवैध खनन से जोड़कर कार्रवाई किए जाने का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। कार्रवाई से नाराज जेसीबी मालिक ने खनन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है।
मामले में न्यायालय में साक्ष्य प्रस्तुत करने को लेकर खनन अधिकारी से जवाब-तलब किए जाने की बात सामने आई है। बताया जा रहा है कि साक्ष्य जुटाने के लिए अधिकारी ने न्यायालय से दो दिन का समय मांगा।
न्यायालय में मामला पहुंचने के बाद वृहस्पतिवार को खनन अधिकारी अजीत कुमार अरदौना गांव पहुंचे। सिंचाई विभाग के कर्मचारियों की मौजूदगी में उन्होंने नहर और नहर पटरी का निरीक्षण किया। बताया गया कि सिंचाई विभाग के कर्मचारियों ने नहर में पानी के बीच अथवा नहर पटरी पर किसी तरह के अवैध खनन की जानकारी से इनकार किया। इसके बाद खनन अधिकारी कुछ ही देर में मौके से लौट गए।
जांच में नहीं मिला अवैध खनन
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, उच्चाधिकारियों की आख्या के आधार पर राजस्व विभाग की टीम भी पूर्व में नहर और नहर पटरी की जांच कर चुकी है। चर्चा है कि जांच में वहां अवैध खनन नहीं होने की रिपोर्ट दी गई थी। ऐसे में गैरेज में खड़ी जेसीबी को अवैध खनन से जोड़कर की गई कार्रवाई को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
फोटो खींचने पर तीखे तेवर, ग्रामीणों में चर्चा
जांच के दौरान मौके पर फोटो खींचे जाने को लेकर खनन अधिकारी के कथित तीखे तेवर भी चर्चा का विषय बने। ग्रामीणों का आरोप है कि अवैध खनन पर प्रभावी अंकुश लगाने के बजाय विभाग द्वारा गैरेज में खड़े वाहनों को निशाना बनाया जा रहा है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
वहीं, जांच करने पहुंचे खनन अधिकारी अजीत कुमार ने बताया कि नहर में पानी भरा हुआ था, ऐसे में जांच के दौरान कुछ नहीं मिला।
अब मामला न्यायालय में पहुंचने के बाद जेसीबी पर की गई कार्रवाई के आधार और विभाग द्वारा प्रस्तुत किए जाने वाले साक्ष्यों पर निगाहें टिक गई हैं। न्यायालय में होने वाली अगली सुनवाई के बाद ही स्पष्ट होगा कि मामले में आगे क्या रुख सामने आता है।
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