Saturday , 29 August 2026

Fertilizer: खाद के लिए हाहाकार एक बोरा डीएपी देद सरकार

Fertilizer: खाद के लिए हाहाकार एक बोरा डीएपी देद सरकार

Fertilizer: खाद के लिए किसान परेशान है फसल पूरी तरह कट चुकी है, खेत की जुताई हो रही है।

लेकिन खाद के अभाव में बुवाई में काफी देरी हो रही है जिसके कारण किसान के सामने संकट खड़ा है

दोस्तों बीते दन सीमा क्षेत्र के जनपद महाराजगंज के सिसवा क्षेत्र से निकल रहा था।

कि इस दौरान कुइया नहर चौराहे पर कुछ पल आराम करने लगा ।

जहां किसानों की तेज आवाज निकल रही थीं यह कहते नजर आ रहे थे की

खाद के अभाव में अब हम लोगों की खेत पीछे हो जएगी, किसान ने कहा एक बोरा डीएपी के लिए

सुबह 4:00 से लाइन में खड़े थे उसके बाद भी खाद नहीं मिल सका सरकार ने जो वादा भी किया था

वह भी पुरा नहीं हो सका आईए जानते हैं खाद की कितनी समस्या है

फेल हो गया सरकार का वादा

वर्ष 2014 में जब भारतीय जनता पार्टी ने सत्ता संभाली थी तो वादा किया था।

कि किसानों की फसल दोगुनी की जाएगी. 10 साल बीत गए है।

तीसरी बार नरेंद्र मोेदी देश के प्रधानमंत्री बने हैं लेकिन किसानों की आय दोगुनी नहीं हुई है.

खाद की कमी हर साल की तरह बनी हुई है. किसान सम्मान निधि के रूप में जितना पैसा साल में मिलता है

उस से अधिक पैसा खाद की खरीद में खर्च हो जा रहा है. ऐसे में किसान सरकार से खफा हैं.

उन का दर्द सुनने वाला सरकार में कोई नहीं है.

‘डीएपी’ खाद पीले रंग की बोरी में आती है. इस को डाई अमोनियम फास्फेट

1960 में हुई थी.डाई अमोनियम फास्फेट

डीएपी फर्टिलाइजर’ के नाम से भी जाना जाता है. यह एक छारीय प्रकृति का रासायनिक उर्वरक है

1960 में हुई थी.डाई अमोनियम फास्फेट दुनिया की सब से लोकप्रिय फास्फोटिक खाद है

जिस का सब से ज्यादा इस्तेमाल हरित क्रांति के बाद देखने को मिला.

छारीय प्रकृति वाला यह रासायनिक उर्वरक पौधों में पोषण के लिए और उन के अंदर

नाइट्रोजन और फास्फोरस की कमी को पूरा करने के लिए किया जाता है।

इस में 18% नाइट्रोजन और 46% फास्फोरस होता है.यह खाद पौधों के पोषक तत्त्वों के लिए ठीक है

जब इस खाद को मिट्टी में मिलाया जाता है तो यह उस में अच्छी तरह से मिक्स हो जाता है

और पौधों की जड़ों के विकास में अपना पूरा योगदान देता है.

इस के साथ ही यह खाद पौधों की कोशिकाओं के विभाजन में भी बहुत शानदार तरीके से काम करता है.

सब की परेशानी का एक ही कारण था, डीएपी खाद. किसानों का कहना था

न तो सरकारी दुकान से और न ही प्राइवेट दुकान से उन को खेत में डालने के लिए डीएपी खाद मिल रही है।

एक बोरी खाद के लिए भटक रहा किसान

किसानों की शिकायत थी कि बड़े किसान तो फैक्टरी और खाद एजेंसी से ही Fertilizer: उठवा ले रहे हैं।

जिन को 1 बोरी या आधी बोरी Fertilizer: की जरूरत होती है वे मारेमारे फिर रहे हैं।

इसके तुरंत बाद हमारी टीम जिले के इफको केंद्र पर पहुंची जहां लंबी लाइन लगी हुई थी ।

किसान अपने कंधे पर चद्दर रखकर हाथ में कागजात लिए खड़ा था

एक किसान ने बताया कि हम लाइन में चार घंटे तक खड़े हैं उसके बाद एक बोरी Fertilizer:

20 20 0 नाम से मिली है जिस पर माननीय पधानमंत्री जी का नाम छपा है।

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