नेपाल में तबाही के बाद महराजगंज में बाढ़ का महा-अलर्ट
नारायणी बैराज के 36 फाटक खुले
उफनाई नदियों ने बढ़ाई चिंता, निचले इलाकों में पानी का खतरा; प्रशासन हाई अलर्ट, ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की हिदायत
महराजगंज। पड़ोसी देश नेपाल में हो रही मूसलाधार बारिश और भीषण आपदा के बाद महराजगंज जिले पर बाढ़ का बड़ा खतरा मंडराने लगा है।
नेपाल से आने वाली नदियों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए नारायणी बैराज के 36 फाटक खोल दिए गए हैं। इससे भारत-नेपाल सीमा से सटे निचले इलाकों और गांवों में बाढ़ का खतरा तेजी से बढ़ गया है।
लगातार बारिश के कारण पहाड़ी क्षेत्रों से पानी के साथ भारी मात्रा में मलबा भी नदियों में पहुंच रहा है। इससे नदी का बहाव तेज होने के साथ कई रास्तों और बुनियादी ढांचों के प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है। सीमावर्ती क्षेत्रों में लोगों की चिंता बढ़ गई है और प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।
आपदा की गंभीर स्थिति को देखते हुए सेना और स्थानीय प्रशासन द्वारा युद्धस्तर पर राहत एवं बचाव अभियान चलाया जा रहा है। वहीं, महराजगंज जिला प्रशासन भी पूरी तरह हाई अलर्ट मोड में आ गया है।
संभावित बाढ़ प्रभावित और तटीय इलाकों में निगरानी बढ़ा दी गई है तथा ग्रामीणों को सतर्क रहने और आवश्यकता पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर जाने की हिदायत दी गई है।
नारायणी नदी में पानी का दबाव बढ़ने से सीमावर्ती क्षेत्रों में बाढ़ की आशंका को लेकर प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हैं। ग्रामीणों से नदी और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूरी बनाए रखने तथा किसी भी आपात स्थिति में प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करने की अपील की जा रही है।
फिलहाल महराजगंज में प्रशासन की नजर नारायणी समेत अन्य नदियों के जलस्तर पर टिकी है। हालात बिगड़ने की स्थिति में प्रभावित इलाकों में तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू करने के लिए प्रशासनिक तंत्र को तैयार रखा गया है।
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