नेपाल की बारिश से महराजगंज में बाढ़ का दबाव, नारायणी का जलस्तर बढ़ा
गंडक बैराज वाल्मीकिनगर से 1.19 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया, रोहिन नदी भी उफान की ओर; सभी तटबंध सुरक्षित
महराजगंज। नेपाल और सीमावर्ती क्षेत्रों में लगातार बारिश के बीच महराजगंज जिले में बाढ़ की स्थिति पर प्रशासन की पैनी नजर बनी हुई है।
सिंचाई खंड-2 महराजगंज के बाढ़ नियंत्रण कक्ष की 31 अगस्त 2026 को शाम 4 बजे जारी रिपोर्ट के अनुसार जिले में नदियों के जलस्तर में उतार-चढ़ाव जारी है। हालांकि राहत की बात यह है कि महराजगंज जनपद एवं नेपाल राष्ट्र के अंतर्गत सभी तटबंध फिलहाल सुरक्षित बताए गए हैं।
बाढ़ नियंत्रण रिपोर्ट के अनुसार
महराजगंज में सुबह 8 बजे तक 10.00 मिमी बारिश दर्ज की गई, जबकि कुल वर्षा 622.00 मिमी दर्ज हुई है। वहीं बी-गैप में वर्षा का कुल आंकड़ा 1,050.80 मिमी बताया गया है।
गंडक बैराज से 1.19 लाख क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज
वाल्मीकिनगर स्थित गंडक बैराज में जलस्तर 108.26 मीटर दर्ज किया गया, जबकि डाउनस्ट्रीम जलस्तर 107.11 मीटर रहा। बैराज से इस समय 1,19,000 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है और जलप्रवाह बढ़ने की स्थिति में बताया गया है। बैराज का खतरे का स्तर 109.670 मीटर निर्धारित है।
रोहिन नदी पर भी बढ़ा दबाव
त्रिमुहानी घाट पर रोहिन नदी का वर्तमान जलस्तर 79.98 मीटर दर्ज किया गया, जो बढ़ने की स्थिति में है। यहां खतरे का स्तर 82.44 मीटर है।
रत्नपुर स्थित रोहिन बैराज में अपस्ट्रीम जलस्तर 99.54 मीटर और डाउनस्ट्रीम 96.25 मीटर दर्ज किया गया। बैराज से 600 क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज हो रहा है। यहां खतरे का स्तर 99.35 मीटर है, यानी अपस्ट्रीम जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर दर्ज किया गया है।
राप्ती, चंदन और प्यास नदी पर भी निगरानी
रेगोली में राप्ती नदी का वर्तमान जलस्तर 77.40 मीटर है, जबकि खतरे का स्तर 80.30 मीटर है। चंदन नदी का जलस्तर 99.00 मीटर दर्ज हुआ, जबकि खतरे का स्तर 101.05 मीटर है। प्यास नदी का वर्तमान जलस्तर 101.10 मीटर है और खतरे का स्तर 102.25 मीटर निर्धारित है।
महाव नाला का जलस्तर 4 फीट 6 इंच दर्ज किया गया, जबकि खतरे का स्तर 5 फीट है। वहीं भोरा बारी घाट पर रोहिन नदी का वर्तमान जलस्तर फिलहाल उपलब्ध नहीं/निल दर्ज किया गया है।
प्रशासन अलर्ट, तटबंधों की निगरानी जारी
नेपाल में बारिश और गंडक बैराज से पानी के डिस्चार्ज को देखते हुए सीमावर्ती महराजगंज में बाढ़ नियंत्रण तंत्र को सतर्क रखा गया है। सिंचाई विभाग द्वारा नदियों और तटबंधों की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। विभागीय रिपोर्ट के मुताबिक महराजगंज और नेपाल क्षेत्र के सभी तटबंध सुरक्षित हैं।
बाढ़ की आहट के बीच प्रशासन की निगरानी बढ़ने से लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है।
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