कण-कण में जीवंत हैं नंदलाल, कृष्ण की बाल लीलाओं पर झूमे श्रद्धालु
रायबरेली। सतांव क्षेत्र के बरउवा गांव में चल रही श्रीमद्भागवत कथा में सोमवार को भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का भावपूर्ण वर्णन किया गया।
कथा प्रवाचक आचार्य अभिषेकाचार्य महाराज ने माखन चोरी, पूतना वध और बकासुर वध के प्रसंग सुनाकर श्रद्धालुओं को भक्ति के रंग में सराबोर कर दिया।
आचार्य ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का बाल स्वरूप आज भी कण-कण में जीवंत है। उनकी लीलाएं केवल पौराणिक कथाएं नहीं, बल्कि प्रेम, सत्य, धर्म और न्याय का संदेश देती हैं।
उन्होंने नंद बाबा के घर श्रीकृष्ण की माखन चोरी लीला का वर्णन करते हुए कहा कि कन्हैया सखाओं के साथ गोपियों की मटकी फोड़कर माखन खाया करते थे। यह चोरी किसी लोभ का प्रतीक नहीं थी, बल्कि गोपियों के निश्छल प्रेम और समर्पण का प्रतीक थी।
प्रवाचक ने बताया कि कंस को जब श्रीकृष्ण के जन्म की जानकारी हुई तो उसने उन्हें मारने के लिए कई षड्यंत्र रचे। इसी क्रम में पूतना को गोकुल भेजा गया। भगवान श्रीकृष्ण ने उसके छल को पहचानकर उसका वध कर दिया। कथा के दौरान श्रद्धालु भक्ति में लीन होकर श्रीकृष्ण के जयकारे लगाते रहे।
रवि शंकर सिंह की रिपोर्ट पुलिस मुखबिर न्यूज रायबरेली ब्यूरो प्रभारी यूपी

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