हरी मिर्च ने दिखाया तेवर, एक हफ्ते में 20 से 30 रुपये पाव, रसोई का बजट हुआ तीखा!
20 रुपये पाव से सीधे 140 रुपये किलो तक पहुंची कीमत Dearness
सोनू मोदनवाल
महराजगंज। जिले में फरवरी माह के दौरान हरी मिर्च के दाम अचानक Dearness तीखे हो गए हैं। फुटकर बाजार में हरी मिर्च 35 रुपये पाव की दर से बिक रही है, जिससे आम रसोई का बजट बिगड़ने लगा है।
बीते सप्ताह तक 20 रुपये पाव बिकने वाली मिर्च अब 140 रुपये किलो तक पहुंच चुकी है।
कारोबारियों के मुताबिक दामों में इस उछाल के पीछे बाहरी जिलों से कम आवक और सहालग के चलते बढ़ी मांग प्रमुख कारण हैं।
शीतलहर से प्रभावित हुई फसल
जनपद हरी मिर्च की आपूर्ति के लिए मुख्यतः रामपुर, बाराबंकी और वाराणसी पर निर्भर है। इन जिलों में हरी मिर्च का सर्वाधिक रकबा है।
बीते दिनों प्रदेश के कई हिस्सों में हुई बारिश और शीतलहर के कारण तैयार फसल प्रभावित हुई, जिससे मंडियों में आवक कम होने लगी। इसका सीधा असर कीमतों पर पड़ा।
पांच फरवरी के बाद बढ़े दाम
मुख्यालय के सब्जी कारोबारी राजेश मौर्य और असलम ने बताया कि पांच फरवरी के बाद से ही हरी मिर्च के रेट बढ़ने शुरू हो गए थे।
मंडी में कम आवक के कारण थोक दाम Dearness और फुटकर बाजार में पहुंचते-पहुंचते कीमतें और चढ़ गईं।
क्या बोले कारोबारी
कैटरिंग कारोबारी बारी अमन वर्मा का कहना है कि इन दिनों लग्न का सीजन चल रहा है।
शादियों और आयोजनों में सब्जियों की खपत अधिक होती है, जिससे मांग बढ़ी है। मांग और आपूर्ति के असंतुलन ने दामों को और तीखा बना दिया है।
हरी मिर्च, जो आमतौर पर हर रसोई का अनिवार्य हिस्सा है, अब आम लोगों की जेब पर भारी पड़ रही है।
गृहिणियों का कहना है कि सब्जियों के बढ़ते दाम से घरेलू बजट गड़बड़ा गया है।
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