Railhadsa: बिहार में बड़ा रेल हादसा टला
बदमाशों ने ट्रेन को पलटने की रची थी साजिश
ड्राइवर की सूझबूझ से नाकाम हो गय
बिहार के गया-पटना रेल सेक्शन के बेला-चाकंद रेलवे स्टेशन के बीच नियामतपुर हॉल्ट के समीप बुधवार की देर रात इस्लामपुर से हटिया जा रही 18623 अप पटना-हटिया एक्सप्रेस हादसे का शिकार होने के बाल-बाल बच गई।
बदमाशों ने ट्रेन को पलटने की रची थी साजिश
रेल किलो मीटर संख्या 75/05-75/07 के बीच रेल ट्रैक पर कोई शरारती तत्वों ने कंक्रीट का स्लीपर रख दिया था। इसी समय पटना-हटिया एक्सप्रेस तेज गति से गया कि ओर आ रही थी। रेल ट्रैक पर स्लीपर रखा देख ट्रेन के चालक ने तत्काल इमरजेंसी ब्रेक लगाकर ट्रेन को रोकने का प्रयास किया, लेकिन कंक्रीट स्लीपर से इंजन टकरा गया। इंजन के टकराने से स्लीपर टूट गया। साथ ही कुछ दूरी तक इंजन के साथ कंक्रीट स्लीपर घसीटता रहा। इस समय रात के 12:5 बज रहा था।
घटना की सूचना पर फॉर्म पहुंची GRP टीम
घटना की सूचना मिलने के बाद जहानाबाद आरपीएफ इंस्पेक्टर अर्जुन यादव, गया जीआरपी इंस्पेक्टर सुशील कुमार पुलिस टीम के साथ और संबंधित विभाग के इंजीनियर घटना स्थल पर पहुंचे। प्रारंभिक जांच में पाया गया कि रेल लाइन पर स्क्रैच का निशान है। साथ ही कुछ दूरी पर गढ्ढे में एक टूटा हुआ स्लीपर मिला। घटनास्थल आउटर सिग्नल के बाहर रहने के कारण आरपीएफ। इंस्पेक्टर रात 1:15 बजे बेलागंज थाने में जाकर सूचना दी। सूचना पर बेलागंज ट्रेनी डीएसपी सह थानाध्यक्ष सदानंद कुमार ने घटनास्थल का निरीक्षण किया।
ड्राइवर की सूझबूझ से नाकाम हो गयी
इस संबंध में बेला स्टेशन के सेक्शन इंजीनियर विनय कुमार के आवेदन पर अज्ञात के खिलाफ बेलागंज थाने में मामला दर्ज किया गया है। घटना के समय करीब 40 मिनट तक ट्रेन घटना स्थल पर रुकी रही। जहानाबाद आरपीएफ इंस्पेक्टर अर्जुन यादव व गया जीआरपी इंस्पेक्टर सुशील कुमार ने बताया कि किसी शरारती तत्वो ने ट्रेन हादसा कराने की कोशिश की थी।
ट्रेन चालक की सूझबूझ की वजह से एक बड़ी अनहोनी टल गई। इस घटना के मामले की जांच में बेलागंज पुलिस, जीआरपी और आरपीएफ की टीम जुट गई है।
क्या कहते हैं अधिकारी?
गया-पटना रेल सेक्शन के नियामतपुर हाल्ट के पास इस्लामपुर-हटिया एक्सप्रेस को हादसे का शिकार बनाने का षड्यंत्र रचे शरारती तत्वों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इस तरह की घटना काफी गंभीर है। शरारती तत्वो की नकेल कसने के लिए कार्रवाई तेज कर दी गई है। आरपीएफ की डॉग एस्क्वार्ड टीम, सीआइबी टीम, एसआईबी टीम, आरपीएफ की स्पेशल टास्क टीम को लगाया गया है। क्विक एक्शन सेल को भी लगाया गया है। गांव-गांव में जाकर संदिग्धों के बारे में सूचनाएं एकत्रित की जा रही है।-अमरेश कुमार आईजी, आरपीएफ पूर्व मध्य रेलवे, हाजीपुर।
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