Crime:अग्नि को साक्षी मानकर ली सात फेरे , फिर आशिक का ऐसा भूत चढ़ा ,प्रेमी के साथ पति को उतार दी मौत के घाट
बृजकिशोर द्विवेदी
Crime: महराजगंज। आज मानवता जिस कदर तार तार हो रही है , रिश्ते शर्मसार हो रही है, इससे समझ में नहीं आता कि किस पर विश्वास किया जाए, कौन सा रिश्ता पवित्र रह गया है।
जीने मरने की कसम खाने वाली महिला अपनी जिंदगी के हमसफर के साथ सात फेरे लेती है ,अग्नि को साक्षी मानकर वचन निभाने की कसम खाती है और फिर रिश्ते को शर्मसार करते हुए आशिक का ऐसा भूत चढ़ जाता कि प्रेमी के साथ मिलकर अपने ही पति को धोखा देकर मौत के घाट उतार देती है।
शनिवार का वह सुबह एक परिवार के लिए विपत्ति का पहाड़ लेकर आया जब एक पिता को अपने बेटे की मौत की सूचना मिलती है।वह फौरन घटनास्थल पर पहुंचा ।
परिवार का पैर के नीचे से जमीन खिसक गया। बेचारा का वह लाल उसके आंखों के सामने गुजर गया।
आइए जाने घटना
शनिवार की सुबह महाराजगंज निचलौल मार्ग पर दमकी गैस एजेंसी के सामने एक युवक का शव सड़क के किनारे पड़ा दिखा। लोगों ने इसकी सूचना स्थानीय निचलौल थाने को दी। पुलिस मौके पर पहुंची ।
मृतक युवक की पहचान पड़ोसी देश नेपाल के सटे ठूठीबारी कोतवाली क्षेत्र के राजाबारी गांव के नागेश्वर रौनियार के रूप में हुई। पहचान खुद मृतक के पिता केशव रौनियार ने ही की ।पुलिस शव को पोस्टमार्टम हेतु भेज कर तहकीकात में जुट गई ।
मृतक के पिता ने निचलौल थाने में अपने बेटे की मौत का जिम्मेदार अपनी बहू नेहा रौनियार व उसके प्रेमी जितेंद्र पुत्र राम दरस पर आरोप लगाते हुए प्राथमिकी दर्ज कराई ।
पुलिस इसे चुनौती मानते हुए पुलिस अधीक्षक के कुशल नेतृत्व में 24 घंटा के भीतर मामले का खुलासा कर दिया।
पुलिस का पर्दाफाश
जिले के तेज तर्रार पुलिस कप्तान सोमेंद्र मीणा के कुशल नेतृत्व में पुलिस ने मामले का पर्दाफाश कर दिया । पुलिस अधीक्षक ने पत्रकार वार्ता के दौरान बताया कि मृतक नागेश्वर पहले अपनी पत्नी के प्रेमी जितेंद्र की दुकान पर कार्य करता था। वहीं पर उसने जितेंद्र को एक नंबर देकर बात करने को कहा।
जितेंद्र उस मोबाइल नंबर पर बात करने लगा। धीरे-धीरे उसे बात करने की लत लग गई और दोनों में बात यहां तक बढ़ गई कि वे आपस में शादी करना चाहते थे।
जितेंद्र को बाद में पता चला कि मोबाइल नंबर के जरिए जिस लड़की से वह बात कर रहा है वह कोई और नहीं बल्कि मृतक नागेश्वर की ही पत्नी है। फिर शादी के रास्ते में नागेश्वर रोड़ा बन रहा था ।
इसी रोडा को हटाने की नीयत से नागेश्वर की पत्नी नेहा ने 12 सितंबर की रात को अपने पति मृतक नागेश्वर रौनियार को फोन के जरिए जनपद मुख्यालय नगर पालिका क्षेत्र के सिविल लाइंस स्थित एक किराए की कमरे में बुलाया ।
जहां पहले से ही उसका प्रेमी जितेंद्र मौजूद था। फिर नेहा व जितेंद्र ने मिलकर मृतक नागेश्वर को शराब पिलाया ।
जब वह नशे में धूत हो गया तो उसके हाथ पैर बांध दिए और फिर गला दबाकर मौत के घाट उतार दिया। घटना को छिपाने की नियत से दोनों शव को मोटरसाइकिल पर बैठकर निचलौल गैस एजेंसी के सामने सड़क के किनारे रख कर फरार हो गये।
पुलिस मुखबिर की सूचना पर जब मृतक की पत्नी नेहा व उसका प्रेमी जितेंद्र कहीं बाहर भागने की फिराक में थी तो गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
क्या बोली मृतक की पत्नी
मृतक नागेश्वर रौनियार की पत्नी नेहा रौनियार का कहना था कि शादी के बाद कुछ दिनों तक उसके बीच संबंध अच्छे रहे। पति-पत्नी के रिश्ते सही रहे, लेकिन समय बीतता गया रिश्ते में खटास आई गई। उसका कहना था कि उसका पति शराब के नशे में आता था तो उससे लड़ाई झगड़ा करता था और अपमानित शब्दों का प्रयोग करता था।
प्रेमी को अपनी पत्नी का मोबाइल नंबर देने का क्या मतलब
समझ में यह नहीं आ रहा कि मृतक नागेश्वर अपनी पत्नी का मोबाइल नंबर उसके प्रेमी जितेंद्र को आखिरकार लड़की का नंबर बताकर क्यों दिया ,क्या वह चाहता था कि उसकी पत्नी से उसका मालिक जितेंद्र बात करें या फिर इसके पीछे भी कोई रास्ता था। बात गले के नीचे नहीं उतर रही या फिर जितेंद्र इस बात को झूठ बोल रहा है।
रिश्ते खटास होते ही कानून का सहारा क्यों नहीं
समझ में नहीं आ रहा है कि जब मृतक की पत्नी नेहा अपने पति पर मारपीट व अपमानित करके हिंसा करने का आरोप लगा रही है तो आखिरकार इस तरह की घटना की शुरुआती दौर में ही वह घरेलू हिंसा का आरोप लगाते हुए कानून का सहारा क्यों नहीं ली ,
दूसरी तरफ जब मृतक के पिता को यह बात मालूम थी कि उनकी बहू अपने पति को दरकिनार कर प्रेमी के साथ नजदीक होती जा रही है तो इसकी शिकायत जिम्मेदार तक क्यों नहीं पहुंचाई । यदि दोनों पक्ष कानून का सहारा लिए होते तो शायद यह घटना नहीं होती।
शर्मसार होता जा रहा पति-पत्नी का पवित्र रिश्ता
एक समय था जब पति-पत्नी का रिश्ता पवित्र माना जाता था। पति अपनी पत्नी के लिए परमेश्वर के समान होते थे ।पत्नी अपने पति के हर जरूरत को एक आवाज में पूरा करने के लिए एक पैर पर खड़ी रहती थी। मायके से अपने माता-पिता भाई व अन्य सदस्यों को छोड़कर जब ससुराल पहुंचती थी तो पति ही उसका सब कुछ होता था ।
उसी के लिए वह मायके को भूल जाती थी।अपने खाने से पहले उसे खिलाती थी। पुराने समय में सती प्रथा के तहत पति की मृत्यु के बाद पत्नी उसके वियोग में अपने को नहीं रोक पाती थी और स्वयं भी सती हो जाती थी ।
इस प्रथा का अंत तो हुआ लेकिन जमाना ऐसा उलट गया कि आज वही पत्नी अपने परमेश्वर रूपी पति को एक आशिक के चक्कर में मौत के घाट उतार देती है ।आज पत्नी स्वयं अपना मांग उजाड़ कर सुनी कर रही है। ऐसे तो पति-पत्नी का रिश्ता भी शर्मसार होता जा रहा है । मानवता तार तार होता जा रहा है।
PM News 18 Hindi News Website
