Monday , 31 August 2026

Diwali: रोशनी का महापर्व दीवाली में दीपो से जगमगायेगा हिन्दुस्तान,जाने कब है मुहुर्त

 

 Diwali: रोशनी का महापर्व दीवाली में दीपो से जगमगायेगा हिन्दुस्तान,जाने कब है मुहुर्त

 

Diwali : दीपावली के अवसर पर व्याख्यान में आर्यावर्त अंक ज्योतिष के संस्थापक आचार्य लोकनाथ ने

बताया कि 31 अक्टूबर बृहस्पतिवार को दीवाली पर्व धूमधाम से मनाई जाएगी।

इस महापर्व जिसमें अचल लक्ष्मी प्राप्ति का संयोग बन रहा है । इसमें सुरक्षित रहकर दीवाली मनाऐ

दियो और झालरों की जगमग रोशनी से समस्त भारत वर्ष खिल उठेगा 29 अक्टूबर से 3 नवंबर तक

6 दोनों का महापर्व शुभ संयोगों के बीच में मनेगा इस समय 29 अक्टूबर को धनतेरस

30 अक्टूबर को नरक चतुर्दशी यानी छोटी दीपावली मनाई जाएगी

साथ ही 2 नवंबर को गोवर्धन पूजा व 3 नवंबर को भाई दूज का पर्व मनाया जाएगा

और इस दिन भगवान चित्रगुप्त का पूजा भी किया जाएगा जिसका अच्छा संजोग बन रहा है

आचार्य लोकनाथ तिवारी ने बताया कि व्यवसायी लोग दीपावली से नव वर्ष का आरंभ मानते हैं

इसीलिए इस दिन नये बही, खातों, का पूजन तुला, तराजू तिजोरी का भी पूजन किया जाता है

व्यवसाय स्थान पर प्रयुक्त मशीनरी आदि का पूजन किया जाता है

वाराणसी से प्रकाशित ऋषिकेश पंचांग के अनुसार आचार्य लोकनाथ तिवारी ने बताया

अमावस्या तिथि 31 अक्टूबर को अपराह्न 3:16 से लेकर अगले दिन 1 नवंबर को सायं काल 5:14 तक है

दीपावली अमावस्या में ही मनाई जाती है 31अक्टूबर की रात में ही लक्ष्मी पूजन और दीपोत्सव होगा।

उसी दिन 3:13 से रात्रि 10:38 तक द्विस्व लग्न प्रदोष काल व स्थिर लग्न में माता लक्ष्मी की पूजा की जाएगी

इस लग्न में माता लक्ष्मी और धनपति श्री कुबेर का उपासना से नए आयाम के साथ कीर्ति स्थापित होगी

अचल लक्ष्मी प्राप्ति का महासंयोग बनेगा रात्रि 12:56 से सुबह 5:23 तक लक्ष्मी जी की आराधना

कनकधारा स्तोत्र श्रीसूक्त का पाठ करने से लक्ष्मी जी की कृपा बरसती है

इस दिन पूजा करने से नहीं होती है अकाल मृत्यु

छोटी दीपावली व नरक चतुर्दशी 30 अक्टूबर को मनाया जाएगा इस दिन यमराज का एक चतुर्मुख दिया

शाम को घर के बाहर निकाला जाता है अथवा घर के दक्षिण दिशा में जलाया जाता है

शाम 5:20 से शाम 6:00 बजे तक के बीच में यह दिया निकलना शुभ होगा इसमें घर का दोष दूर होता है

वह घर में किसी सदस्य की अकाल मृत्यु होने की संभावना नहीं होती है

इस दिन भगवान श्री कृष्ण ने नरकासुर का वध किया था इसीलिए इस नरक चतुर्दशी कहते हैं

धनतेरस 29 को मनाया जाएगा 29 अक्टूबर को त्रयोदशी तिथि में धनतेरस मनाया जाएगा

इस दिन सुबह 11:00 के बाद त्रयोदशी तिथि हो रही है जो 30 अक्टूबर को दोपहर 1:05 तक रहेगी

 जाने कब है धनतेरस का मुहूर्त

धनतेरस का पूजा का समय शाम 5:00 से रात्रि 8:32 तक वृषभ स्थिर लग्न व प्रदोष काल में होगी

इस दिन सोना चांदी वाहन वर्तन झाड़ू नमक वह धनिया गणेश लक्ष्मी प्रतिमा खरीदने का भी विधान है

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