विकास की रफ्तार या भ्रष्टाचार की मार,एक महीने में बिखर गई इंटरलॉकिंग
लाखों की लागत, एक माह में ढही हकीकत! नारायणी नहर पुल की इंटरलॉकिंग उखड़ी, भ्रष्टाचार की गूंज
सिसवा बाजार महराजगंज। क्षेत्र के बलुअही धूस होते हुए सिसवा जाने वाली सड़क पर परसिया के समीप नारायणी नहर पर बना नवनिर्मित पुल इन दिनों चर्चाओं के केंद्र में है।
Blame: लाखों रुपये की लागत से तैयार हुआ यह पुल अभी एक माह भी पूरा नहीं कर सका कि निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल खड़े होने लगे हैं।
क्या है स्थानीय लोगों का आरोप
स्थानीय लोगों का Blame: है कि पुल तो बन गया, लेकिन दोनों ओर आवागमन सुचारू रखने के लिए की गई इंटरलॉकिंग में भारी अनियमितता बरती गई।
हालत यह है कि एक महीने के भीतर ही दोनों तरफ की ईंटें पूरी तरह बिखर गई हैं।
जगह-जगह गड्ढे बन गए हैं और राहगीरों को आवागमन में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
क्या बोल रहे राहगीर
ग्रामीणों का कहना है कि बारिश से पहले ही सड़क की यह स्थिति हो गई है, जिससे आने वाले दिनों में हालात और बदतर होने की आशंका है।
बाइक और साइकिल सवार आए दिन फिसलकर चोटिल हो रहे हैं। स्कूली बच्चों और किसानों को भी परेशानी झेलनी पड़ रही है।
दोषियों पर सख्त कार्रवाई
बीते कुछ दिनों से इस पुल की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं।
इसके बावजूद संबंधित विभाग अब तक चुप्पी साधे बैठा है। लोगों का आरोप है कि विभाग “कान में तेल डालकर” तमाशा देख रहा है।
स्थानीय नागरिकों ने जिलाधिकारी से मामले की जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है, ताकि सार्वजनिक धन की बर्बादी पर रोक लग सके और आमजन को सुरक्षित आवागमन मिल सके।
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