बाबू बंधू सिंह से जुड़ी है तरकुलहा देवी की कहानी
माता ने दिखाई थी अद्भुत चमत्कार
नंदलाल गुप्ता की रिपोर्ट
Pmnews महराजगंज। नवरात्रि के पवित्र पक्ष के आठवें दिन तरकुलही देवी मंदिर पर भक्तों की भारी भीड़ देखने को मिली।
तरकुलहा देवी मंदिर का रहस्य बाबू बंधू सिंह से जुड़ा हुआ है । जानकारी के मुताबिक पहले वह घनघोर जंगल रहा करता था ,अंग्रेजी हुकूमत और उनके अत्याचार से आहत होकर बाबू बंधू सिंह ने अंग्रेज सिपाहियों की बलि चढ़ाई थी जिस पर परेशान होकर अंग्रेज अफसर बंधू सिंह को गिरफ्तार कराकर फांसी के फंदे पर लटका दिया।
ऐसा बताया जाता है कि सातवीं बार जब बंधू सिंह को फांसी के फंदे पर लटकाया गया उस समय बंधू सिंह ने अपने पूज्यमान भगवती दुर्गा से आराधना की , कि हे मां अब मुझे हमेशा के लिए अपने चरण में स्थान दे दीजिए और बंधू सिंह का फांसी सफल हो गया।
जानकारी के मुताबिक जब बंधू सिंह की फांसी सफल हो गई इस समय दुर्गा के पिंडी पर सात तरकुल अपने आप टूट कर नीचे गिरा और खून का फवारा निकलने लगा तभी से तरकुलहा देवी स्थान पर बलि प्रथा की जाती है जो आज नवरात्रि के पावन अवसर पर भक्त पहुंचकर अपनी मन्नत मांगते हैं,
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