Supreme court: का बड़ा एक्शन अवैध बुलडोजर चला तो होगी कार्यवाही
Supreme court: ने अनुच्छेद 142 के तहत निर्देश जारी किए, अपराध की सजा घर तोड़ना नहीं
Supreme court: दोषी होना घर तोड़ने का आधार नहीं, घर सपना है कभी न टूटे
लोकतंत्र में नागरिकों के अधिकार की रक्षा जरूरी कोई गलती है तो उसको कानूनी तौर पर देखना है।
सरकारी शक्ति का दुरुपयोग नहीं हो सकता, सरकार की जिम्मेदारी,राज्य में कानून व्यवस्था बनाए रखें
बिना मुकदमे के मकान नहीं गिरा सकते, शासन मनमाने तरीके से मकान नहीं गिरा सकता
मनमाने तरीके से घर गिराया तो प्रशासन जिम्मेदार, अधिकारियों की जवाबदेही होगी।
अधिकारियों को दंडित होना होगा
संविधान में आरोपियों को भी अधिकार मिले हैं, बिना मुकदमे के किसी को दोषी नहीं ठहराया जा सकता,
प्रशासन जज नहीं बन सकता, अगर अवैध तरीके से घर तोड़ा तो मुआवजा मिले
अवैध कार्रवाई करने वाले अधिकारियों को दंडित किया जाए
बुलडोजर एक्शन पर मनमाना रवैया बर्दाश्त नहीं, अपराध की सजा देना कोर्ट का काम
आम आदमी का घर वर्षों की मेहनत का नतीजा, सिर पर छत होना भी जीने का अधिकार
अपराध की सजा पूरे परिवार को नहीं
अवैध निर्माण को जुर्माना लगाकर नियमित किया जा सकता है।
आरोपी के अपराध की सजा पूरे परिवार को नहीं, एक की गलती,तो सबको मकान से वंचित नहीं कर सकते,
आरोपी होने पर घर नहीं गिरा सकते, नोटिस में बताएं मकान कैसे अवैध है।
नोटिस की जानकारी डीएम को दिया जाए, 3 महीने में पोर्टल बनाकर सभी को नोटिस साझा करें।
नोटिस में बताया जाए कौन सा हिस्सा अवैध है, अवैध निर्माण तोड़ने की वीडियोग्राफी हो
बुलडोजर एक्शन के लिए डाक द्वारा नोटिस जरूरी
डीएम एक महीने में नोडल अधिकारी नियुक्त करें, सभी राज्यों के मुख्य सचिव को आदेश भेजा जाए।
स्थानीय नगर निगम के मुताबिक नोटिस हो, बुलडोजर एक्शन पर नोटिस डाक से भेजा जाए।
गलत कार्रवाई पर अधिकारियों को भुगतान करना होगा, नोटिस के 15 दिन के भीतर कोई कार्रवाई न हो
Supreme court: के फैसला आने के बाद पक्ष और विपक्ष में खलबली मच गई
विपक्ष में बैठे लोगों ने अपने-अपने बयान ठोका शुरू कर दिए जगह-जगह चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया
Supreme court: ने फैसला आने के बाद बाबा के बलडोजरए पर रोक लग गई है
PM News 18 Hindi News Website
