Thursday , 15 October 2026

Open Meeting: सशक्त स्थानीय स्वशासन का सपना हुआ चूर ,खुली बैठकों से गांव रहे दूर

Open Meeting: सशक्त स्थानीय स्वशासन का सपना हुआ चूर ,खुली बैठकों से गांव रहे दूर

बृज किशोर द्विवेदी

Open Meeting: महाराजगंज। 73 में संविधान संशोधन के जरिए स्थानीय स्वशासन को और अधिक सशक्त बनाने के सपने को लेकर प्रदेश सरकार ग्राम सभा की खुली बैठकों Open Meeting: के जरिए ग्राम पंचायत को विकास कार्य प्रस्तावित करने होते थे लेकिन शासन का यह सपना चूर हो गया और गांव खुली बैठकों से दूर रहे।

स्थानीय स्वशासन अर्थात गांव की सरकार का पिछला कार्यकाल अब समाप्त होने को है। अगली गांव की सरकार बनाने में महज 1 वर्ष भी नहीं रह गए हैं लेकिन 73 में संविधान संशोधन के जरिए प्रदेश सरकार गांव की सरकार अर्थात स्थानीय स्वशासन को और मजबूत बनाने का जो सपना देखा था ।

वह सपना पिछले ग्राम पंचायत कार्यकाल में पूरा नहीं हो सका। मतलब यह कि ग्राम सभाओं की खुली बैठक Open Meeting ग्राम प्रधान व ग्राम पंचायत अधिकारियों के नेतृत्व में होनी थी।

इस खुली बैठक Open Meeting में वयस्क आपस में गांव के विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा करते हैं और फिर सर्वसम्मति से जो प्रस्ताव पास करते है, उसे ग्राम पंचायत द्वारा विकास खंड कार्यालय को ग्राम पंचायत अधिकारियों के जरिए भेजे जाने की प्रक्रिया थी ।

महत्वाकांक्षी योजना को सफल होने नहीं दिए

इससे गांव के विकास में सभी ग्राम वासियों का सहयोग मिलता लेकिन ग्राम पंचायत प्रदेश सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना को सफल होने नहीं दिए। इस ओर न हीं ग्राम प्रधान और न हीं ग्राम पंचायत अधिकारी ध्यान दिए।

ग्रामीणों में तो इस तरह की जागरूकता है ही नहीं कि वह अपने स्थानीय स्वशासन से खुली बैठक Open Meeting के आयोजन को संचालित करने के लिए दबाव बनाएं । जिसके कारण यह योजना अधूरा रह गया ।

विकासखंड अधिकारी या जिले के पंचायत अधिकारी तो इस योजना को अमली जामा पहनाने का जहमत ही नहीं उठाएं। जिसके कारण स्थानीय स्वशासन अर्थात गांव की सरकार में पिछले कार्यकाल में उदासी छाई रही।

नहीं हुई खुली बैठक

इस संबंध में सिसवा विकासखंड के ग्राम सभा परसा गिदही में एक ग्राम पंचायत सदस्य ने बताया कि उनके यहां ग्राम पंचायत की खुली बैठक Open Meeting हुई ही नहीं। यदि ऐसा नहीं तो उन्हें खुली बैठक में बुलाया गया होता।

उनका कहना था कि शुरुआती दौर में जब ग्राम पंचायत का गठन हुआ था तो ही शपथ ग्रहण के दौरान बुलाए गए थे और ग्राम पंचायत में समितियो का गठन हुआ था ।

बैठक हुई भी होगी तो खुली बैठक नहीं

उसके बाद उन्हें कभी किसी बैठक में बुलाया ही नहीं गया तो फिर कैसे कहा जा सकता है कि ग्राम प्रधान व सेक्रेटरी के नेतृत्व में ग्राम पंचायत की बैठक हुई है,

अर्थात बैठक हुई भी होगी तो खुली बैठक Open Meeting नहीं हुई होगी बल्कि बंद कमरे में हुई होगी। उन्होंने इस मामले को जिला पंचायत राज अधिकारी और पंचायती राज विभाग उत्तर प्रदेश सरकार को पत्र के जरिए अवगत कराएंगे।

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