मुंबई में रोजी-रोटी कमाने गए उदयराज की अचानक मौत
तीन बच्चों के सिर से उठा पिता का साया
भोजन के बाद बिगड़ी तबीयत, अस्पताल में इलाज के दौरान तोड़ा दम; गांव में छाया मातम, चंदा जुटाकर हवाई जहाज से शव लाने की तैयारी
महराजगंज। सदर कोतवाली थाना क्षेत्र के ग्राम सभा बरवा राजा बरईपट्टी निवासी 45 वर्षीय उदयराज वर्मा पुत्र स्व. ओरी वर्मा की मुंबई में अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद मौत हो गई। करीब एक वर्ष पहले परिवार की रोजी-रोटी चलाने के लिए मुंबई गए उदयराज वहां टाइल्स लगाने का काम करते थे।
शुक्रवार को दोपहर भोजन करने के कुछ देर बाद अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई। अस्पताल में उपचार के दौरान रात करीब 11 बजे उन्होंने दम तोड़ दिया।
उदयराज की तबीयत खराब होने की जानकारी मिलते ही आसपास रहने वाले परिचित और स्थानीय लोग उनके पास पहुंचे। हालत गंभीर देखकर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां चिकित्सकों ने उपचार शुरू किया, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका। मौत की खबर मिलते ही मुंबई में रह रहे परिचितों ने इसकी सूचना तत्काल परिवार को दी।
जैसे ही उदयराज की मौत की खबर गांव स्थित घर पहुंची, चीख-पुकार मच गई। पत्नी नेहा और बच्चों समेत परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।
परिवार को उम्मीद थी कि उदयराज मेहनत कर कुछ पैसे जुटाकर घर लौटेंगे और टिनसेट के सहारे गुजर-बसर कर रहे परिवार के मकान की छत लगवाएंगे। लेकिन उनकी अचानक मौत ने परिवार के सारे सपने चकनाचूर कर दिए।
तीन बच्चों के सिर से उठा पिता का साया
उदयराज अपने पीछे पत्नी नेहा, 16 वर्षीय बेटी प्रियंका, 12 वर्षीय बेटी चांदनी और आठ वर्षीय पुत्र निखिल को छोड़ गए हैं। पिता की अचानक मौत से तीनों बच्चों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। परिवार के सामने अब रोजमर्रा की जरूरतों के साथ बच्चों की पढ़ाई और भविष्य की चिंता भी खड़ी हो गई है।
ग्रामीणों के अनुसार उदयराज बेहद मेहनती स्वभाव के थे। परिवार की बेहतर जिंदगी के लिए वह करीब एक वर्ष पहले हजारों किलोमीटर दूर मुंबई गए थे और वहां मेहनत-मजदूरी कर परिवार का सहारा बने हुए थे।
शव गांव लाने के लिए ग्रामीणों ने बढ़ाया मदद का हाथ
उदयराज की मौत के बाद परिवार के सामने सबसे बड़ी चुनौती मुंबई से शव को गांव तक लाने की थी। परिवार की आर्थिक स्थिति को देखते हुए मुंबई में आसपास रहने वाले गांव के लोगों और परिचितों ने एकजुट होकर मदद की।
लोगों ने आपस में चंदा जुटाकर पोस्टमार्टम की कार्रवाई के बाद शव को हवाई जहाज से गांव लाने के लिए टिकट की व्यवस्था की।
मुंबई में रह रहे लोगों की इस पहल से संकट की घड़ी में परिवार को बड़ी राहत मिली। ग्रामीणों का कहना है कि दुख की इस घड़ी में पीड़ित परिवार को अकेला नहीं छोड़ा जाएगा और हर संभव सहयोग किया जाएगा।
बताया गया कि उदयराज छह भाइयों में से एक थे। सभी भाई अलग-अलग रहकर अपने परिवार का जीवन-यापन करते हैं।
उनके माता-पिता का पहले ही निधन हो चुका है। ऐसे में परिवार के एक कमाऊ सदस्य की अचानक मौत से परिजनों के सामने आर्थिक संकट भी गहरा गया है।
हर आंख नम, गांव में पसरा मातम
उदयराज की मौत की खबर गांव में पहुंचते ही शोक की लहर दौड़ गई। बड़ी संख्या में ग्रामीण उनके घर पहुंचकर परिजनों को ढांढस बंधा रहे हैं। पूरे गांव का माहौल गमगीन है।
ग्रामीणों का कहना है कि परिवार की खुशहाली के लिए घर से दूर कमाने गया एक मेहनतकश व्यक्ति अचानक मौत का शिकार हो गया। पोस्टमार्टम के बाद शव को हवाई जहाज से गांव लाने की तैयारी की जा रही है। शव पहुंचने के बाद अंतिम संस्कार किया जाएगा।
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