2027 में 100 सीटों पर चुनाव लड़ेगी आर.जे.पी., भाजपा को रोकने का दावा—शेर सिंह राणा
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। राष्ट्रवादी जनलोक पार्टी (आर.जे.पी.) के संस्थापक एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष शेर सिंह राणा ने लखनऊ में प्रेस वार्ता कर बड़ा चुनावी ऐलान किया।
उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव लड़ेगी और यूपी में करीब 100 सीटों पर प्रत्याशी उतारने की तैयारी है।
शेर सिंह राणा ने बताया कि पार्टी का खास फोकस पश्चिमी उत्तर प्रदेश की सीटों पर रहेगा। उन्होंने दावा किया कि आर.जे.पी. का संगठन उत्तर प्रदेश समेत राजस्थान, मध्य प्रदेश, दिल्ली, उत्तराखंड, हरियाणा और बिहार में सक्रिय है। पार्टी के उत्तर प्रदेश और हरियाणा में सात जिला पंचायत सदस्य होने का भी उन्होंने दावा किया।
भाजपा को सत्ता से रोकने की ताकत’ का दावा
राणा ने कहा कि आर.जे.पी. की राजनीतिक ताकत अब इतनी बढ़ चुकी है कि पार्टी चुनावी समीकरणों को प्रभावित करने की स्थिति में है। उन्होंने दावा किया कि पार्टी भाजपा को सत्ता में आने से रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
कांग्रेस से गठबंधन की इच्छा, सम्मानजनक सीटों की शर्त
उत्तराखंड के हरिद्वार क्षेत्र में पार्टी की मजबूत चुनावी तैयारी का दावा करते हुए राणा ने कहा कि उनकी पार्टी कांग्रेस के साथ गठबंधन चाहती है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि सम्मानजनक सीटों के साथ गठबंधन नहीं हुआ तो पार्टी अकेले चुनाव लड़ने या अन्य राजनीतिक विकल्पों पर विचार करेगी।
उन्होंने कहा कि आर.जे.पी. ऐसे किसी भी गठबंधन का हिस्सा बनने को तैयार है, जिसका उद्देश्य भाजपा को हराना हो और जिसमें उनकी पार्टी को सम्मानजनक हिस्सेदारी मिले।
2022 का गठबंधन भी चर्चा में
राणा ने बताया कि 2022 के विधानसभा चुनाव में उनकी पार्टी का शिवपाल यादव और असदुद्दीन ओवैसी की पार्टियों के साथ गठबंधन हुआ था, लेकिन चुनाव से पहले शिवपाल यादव के सपा में वापस चले जाने से गठबंधन टूट गया। इसके बाद आर.जे.पी. ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश की पांच सीटों पर चुनाव लड़ा था।
यूजीसी मुद्दे पर मोदी-शाह पर लगाए गंभीर आरोप
प्रेस वार्ता में यूजीसी से जुड़े मुद्दे पर शेर सिंह राणा ने बेहद गंभीर राजनीतिक आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि यह पूरा मामला मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को 2027 के विधानसभा चुनाव में नुकसान पहुंचाने की साजिश का हिस्सा है।
इसके पीछे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह का नाम लेते हुए उन्होंने कहा कि योगी आदित्यनाथ यदि तीसरी बार चुनाव जीतते हैं तो प्रधानमंत्री पद की दौड़ में सबसे आगे हो सकते हैं।
राणा ने दावा किया कि चुनाव के बाद केंद्र सरकार इस कानून को वापस लेने की घोषणा कर सकती है। हालांकि, प्रेस वार्ता में लगाए गए इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
‘भाजपा के खिलाफ मजबूत गठबंधन बने’
शेर सिंह राणा ने कहा कि भाजपा के खिलाफ समान विचारधारा वाली राजनीतिक पार्टियों को एकजुट होकर मजबूत गठबंधन बनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी का लक्ष्य भाजपा की कथित जनविरोधी नीतियों के खिलाफ जनता की आवाज को राजनीतिक मंच देना है।
रिपोर्ट—ज्ञानी त्रिवेदी
‘आईना’—ऑल इंडिया न्यूज़पेपर एसोसिएशन, उत्तर प्रदेश
रवि शंकर सिंह की रिपोर्ट पुलिस मुखबिर न्यूज रायबरेली ब्यूरो प्रभारी यूपी
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