Sunday , 30 August 2026

Stubble : पराली जलाने से 123 किसानों पर केस दर्ज 14 हुए अरेस्ट

 

Stubble : पराली जलाने से 123 किसानों पर केस दर्ज 14 हुए अरेस्ट

 

Stubble : सरकार पराली को लेकर काफी सक्रिय है उनका दावा है, कि किसान खेत में पराली न जलाएं

बताया जाता है कि खेत में खड़ी फसल को काटकर  परली को  इकट्ठा कर दें

कैथल जिले में पराली जलाने के मामले में 14 किसानों को अरेस्ट किया गया है।

बीते दिन एक पुलिस अधिकारी ने यह जानकारी दी। उन्होंने कहा की किसान खेत में ना जलाएं

राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों में बीते कुछ दिनों में पलूशन बढ़ गया है।

इस बीच सरकारका क्या है ऐक्शन 

पुलिस अधिकारी ने कहा कि पराली जलाने पर रोक के बाद भी किसान नहीं माने तो यह कार्रवाई की गई है।

हरियाणा के हिसार समेत कुछ और जिलों में भी ऐसा ऐक्शन हुआ है।

दिल्ली में पलूशन बढ़ने के लिए हरियाणा और पंजाब में पराली जलाने से मानकर

किसानों द्वारा फसल के अवशेष जलाने को ही जिम्मेदार ठहराया जाता है।

कैथल में कुल 123 किसानों पर केस दर्ज 

कहते हैं कि हर साल धान की फसल काटे जाने के बाद किसान पराली जलाते हैं।

जलते हुए पराली से निकलने वाले धुएं के चलते ही वायु प्रदूषण का स्तर बढ़ जाता है।

आमतौर पर हर साल अक्टूबर और नवंबर के महीने में दिल्ली में पलूशन बढ़ने की शिकायतें आने लगती हैं।

बढ़ते प्रदूषण पर इस बार भी सुप्रीम कोर्ट तक में यह मामला पहुंचा है ।

अदालत ने हरियाणा, पंजाब एवं दिल्ली सरकारों को पलूशन पर लगाम कसने का आदेश दिया है।

डीएसपी बीरभान ने कहा कि बीते कुछ दिनों में 14 किसानों को पराली जलाने पर अरेस्ट किया गया है।

हालांकि इन लोगों को बेल पर रिहा कर दिया गया है लेकिन पराली जलाने पर रोक है।

ऐसे लोगों के खिलाफ प्रदूषण रोकथाम अधिनियम के तहत केस दर्ज हुआ है।

पराली जलाने से को रोका जाए

पानीपत और यमुनानगर जिलों में भी कई किसानों के खिलाफ केस फाइल हुए हैं।

हरियाणा के चीफ सेक्रेटरी ने डिप्टी कमिश्नरों को आदेश दिया था कि पराली जलाने से को रोका जाए।

बीते सप्ताह हुई सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने हरियाणा एवं पंजाब की सरकारों को फटकार लगाई थी।

कहां कि आपको पराली जलाने से रोकना होगा। इसके अलावा यदि किसान नहीं मानते हैं

तो फिर उनके खिलाफ ऐक्शन लिया जाए। जिससे किसान परली नोजल सकें

अदालत ने मुख्य सचिवों को समन भी जारी किया था और 23-10 को स्पष्टीकरण के लिए बुलाया है

जस्टिस अभय एस. ओका, जस्टिस अहसानुद्दीन अमानुल्लाह और ए. जॉर्ज मसीह की बेंच ने कहा था

कि दोनों राज्य पूरी तरह असंवेदनशील हैं। पलूशन को लेकर उन्हें जो आदेश दिया है,

उस पर काम नहीं कर रहे हैं। यह गलत है और उल्लंघन करने वालों पर उन्हें ऐक्शन लेना ही होगा।

अदालत के इस सख्त आदेश के बाद ही कार्रवाई की गई है।

वहीं किसानों का कहना है कि धान की फसल कटाई और गेहूं की बुवाई के बीच बहुत कम अंतर रहता है।

ऐसे में खेत को जल्दी खाली करने के लिए वे पराली को कई बार जला देते हैं।

Share:

About Markandey Diwedi

दोस्तों नमस्कार आप सभी शुद्ध पाठकों को अवगत कराना है कि राष्ट्रीय हिंदी मासिक पत्रिका public mukhbir जो बहराइच से प्रकाशित होकर पूर्वांचल के बस्ती, गोरखपुर ,कुशीनगर, सिद्धार्थ नगर ,देवरिया, महराजगंज, गोंडा ,बहराइच se Bihar rajya में प्रसारण हो रहा है मुझे यह विश्वास है कि हमारे द्वारा प्रकाशित किया गया समाचार आपको पसंद आएगा धन्यवाद

Check Also

घर के बाहर सो रही महिला की सिर कुचलकर हत्या, गांव में सनसनी

घर के बाहर सो रही महिला की सिर कुचलकर हत्या, गांव में सनसनी   रात …