पराली एवं फसल अवशेष जलाने पर प्रशासन ने लगाई रोक
उल्लंघन करने वालों पर ₹2,500 से ₹15,000 तक अर्थदण्ड
जिलाधिकारी ने अधिकारियों एवं कर्मचारियों को प्रभावी निगरानी और जनजागरूकता अभियान चलाने के दिए निर्देश
कुशीनगर ब्यूरो। जनपद में पराली (धान की पुआल) एवं अन्य कृषि अपशिष्टों को जलाने से होने वाले वायु प्रदूषण की रोकथाम तथा पर्यावरण, मिट्टी और मानव स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए जिला एवं तहसील स्तर पर सचल दस्तों का गठन किया गया है।
जिलाधिकारी संजय चौहान ने संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्देशित किया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में पराली जलाने की घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित करें तथा किसानों को फसल अवशेष प्रबंधन के प्रति जागरूक करें।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए हैं कि न्याय पंचायत स्तर पर तैनात कर्मचारी अपने क्षेत्र के समस्त राजस्व ग्रामों में किसानों को फसल अवशेष जलाने से मिट्टी की उर्वरता, पर्यावरण एवं मानव स्वास्थ्य पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों की जानकारी दें। किसानों को यह भी अवगत कराया जाए कि पराली एवं कृषि अपशिष्ट जलाना प्रतिबंधित है तथा ऐसा किए जाने पर नियमानुसार दण्डात्मक कार्रवाई एवं अर्थदण्ड लगाया जा सकता है।
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