Tuesday , 13 October 2026

नवरात्रि के प्रथम दिन मां शैलपुत्री की आराधना, धीरू भैया ने बताई माता की महिमा

नवरात्रि के प्रथम दिन मां शैलपुत्री की आराधना, धीरू भैया ने बताई माता की महिमा

आस्था और भक्ति के साथ शुरू हुआ नवरात्रि का पावन पर्व, मां शैलपुत्री की कृपा से भक्तों में दिखा उत्साह

सिसवां बाजार, महराजगंज। शारदीय नवरात्रि के प्रथम दिन मां दुर्गा के प्रथम स्वरूप मां शैलपुत्री की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की जाती है।

नवरात्रि का यह पावन पर्व श्रद्धा, भक्ति, विश्वास और आध्यात्मिक ऊर्जा का प्रतीक है। इस अवसर पर मां के भक्त मंदिरों में पहुंचकर पूजा-पाठ करते हैं और परिवार की सुख-समृद्धि, शांति तथा खुशहाली की कामना करते हैं।

विधानसभा क्षेत्र 317 बाजार में मां दुर्गा के भक्त धीरेंद्र प्रताप सिंह उर्फ धीरू भैया ने मां शैलपुत्री की महिमा और उनकी कृपा का वर्णन करते हुए कहा कि मां दुर्गा के प्रति सच्ची श्रद्धा और अटूट विश्वास भक्तों को जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। मां शैलपुत्री की आराधना से भक्तों को धैर्य, साहस और सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त करने की प्रेरणा मिलती है।

कौन हैं मां शैलपुत्री, जानिए उनकी महिमा

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां शैलपुत्री पर्वतराज हिमालय की पुत्री हैं। इसी कारण उन्हें शैलपुत्री कहा जाता है। मां के दाहिने हाथ में त्रिशूल और बाएं हाथ में कमल सुशोभित रहता है। वे वृषभ यानी बैल पर सवार रहती हैं। मां शैलपुत्री को शक्ति, प्रकृति, धैर्य और दृढ़ संकल्प का प्रतीक माना जाता है।

पौराणिक कथाओं के अनुसार, मां शैलपुत्री पूर्वजन्म में राजा दक्ष की पुत्री सती थीं। भगवान शिव के प्रति उनकी अटूट भक्ति और समर्पण की कथा सनातन धर्म में विशेष स्थान रखती है। धार्मिक मान्यता है कि अगले जन्म में उन्होंने हिमालय के घर पुत्री के रूप में जन्म लिया और शैलपुत्री कहलाईं।

मां की भक्ति से मिलता है धैर्य और आत्मविश्वास का संदेश

नवरात्रि के प्रथम दिन मां शैलपुत्री की पूजा का विशेष महत्व है। भक्त कलश स्थापना के साथ मां की आराधना करते हैं। पूजा में पुष्प, अक्षत, धूप, दीप और नैवेद्य अर्पित कर मां से आशीर्वाद मांगा जाता है। मान्यता है कि मां की उपासना से जीवन में स्थिरता, आत्मविश्वास और कठिन परिस्थितियों का सामना करने की शक्ति मिलती है।

धीरेंद्र प्रताप सिंह उर्फ धीरू भैया के अनुसार, मां दुर्गा की भक्ति केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं है, बल्कि यह हमें सेवा, सद्भाव, परोपकार और जरूरतमंदों की सहायता करने की भी प्रेरणा देती है। सच्ची आस्था वही है, जिसमें मन में दूसरों के प्रति सम्मान हो और समाज के कल्याण की भावना बनी रहे।

नवरात्रि का संदेश—आस्था, सेवा और सद्भाव

नवरात्रि का पर्व हमें बुराई पर अच्छाई की जीत और शक्ति के सम्मान का संदेश देता है। मां शैलपुत्री की आराधना के साथ शुरू होने वाले नौ दिनों में भक्त मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा करते हैं। यह पर्व भारतीय संस्कृति, धार्मिक परंपराओं और सामाजिक एकता का महत्वपूर्ण प्रतीक है।

मां दुर्गा के भक्त धीरेंद्र प्रताप सिंह उर्फ धीरू भैया ने मां की महिमा का स्मरण करते हुए सभी श्रद्धालुओं के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि की कामना की। नवरात्रि का यह पावन अवसर हर व्यक्ति को अपनी आस्था मजबूत करने, सद्कर्म करने और समाज में प्रेम व भाईचारा बनाए रखने की प्रेरणा देता है।

Share:

About Markandey Diwedi

दोस्तों नमस्कार आप सभी शुद्ध पाठकों को अवगत कराना है कि राष्ट्रीय हिंदी मासिक पत्रिका public mukhbir जो बहराइच से प्रकाशित होकर पूर्वांचल के बस्ती, गोरखपुर ,कुशीनगर, सिद्धार्थ नगर ,देवरिया, महराजगंज, गोंडा ,बहराइच se Bihar rajya में प्रसारण हो रहा है मुझे यह विश्वास है कि हमारे द्वारा प्रकाशित किया गया समाचार आपको पसंद आएगा धन्यवाद

Check Also

जयकारों से गूंजा बभनौली बुजुर्ग, 51 कन्याओं की कलश यात्रा

जयकारों से गूंजा बभनौली बुजुर्ग, 51 कन्याओं की कलश यात्रा के साथ नौ दिवसीय महायज्ञ …