बन्द ताले में कैद ‘सुलभ’ शौचालय,जिम्मेदार मौन
प्रधानमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट पर भ्रष्टाचार का ताला, जिम्मेदार मौन
महराजगंज/घुघली। विकास खंड घुघली के ग्राम सभा लक्ष्मीपुर खास में सरकारी योजनाओं की जमीनी हकीकत एक बार फिर सवालों के घेरे में है। यहां प्रधानमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट सार्वजनिक सुलभ शौचालय की हालत देखकर कोई भी हैरान रह जाए।
लाखों रुपये खर्च कर बनाए गए इस शौचालय पर इन दिनों ताला लटका हुआ है और यह ग्रामीणों व राहगीरों के किसी काम नहीं आ रहा।
अधिकारियों का इंतजार कर रहा सार्वजनिक शौचालय
जब पत्रकारों की टीम मौके पर पहुंची तो सार्वजनिक शौचालय के दोनों कमरों पर ताला लटका मिला। ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो यह किसी सक्षम अधिकारी के निरीक्षण का इंतजार कर रहा हो।
शौचालय के अंदर की स्थिति और भी बदतर दिखाई दी। साफ-सफाई के अभाव में परिसर बदहाल नजर आया। तस्वीरें खुद बयां कर रही थीं कि यहां जाने की हिम्मत कोई नहीं करना चाहेगा।
कब तक भ्रष्टाचार के ताले में कैद रहेगा सार्वजनिक शौचालय
सबसे बड़ा सवाल यह है कि जिस स्वयं सहायता समूह को इसके संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी सौंपी गई है, वह अपनी जिम्मेदारी क्यों नहीं निभा रहा? क्या समूह को समय से भुगतान नहीं मिल रहा या फिर यह योजना भी भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गई? यह जांच का विषय है।
ग्रामीणों का कहना है कि सरकार की मंशा गांवों और राहगीरों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की थी, लेकिन जिम्मेदारों की लापरवाही ने इस महत्वाकांक्षी योजना को मजाक बनाकर रख दिया है। गांव की दशा और दिशा देखकर टीम भी हैरान रह गई।
अब बड़ा सवाल यह है कि क्या जिला प्रशासन इस बंद पड़े सार्वजनिक शौचालय का संज्ञान लेगा या फिर प्रधानमंत्री का ड्रीम प्रोजेक्ट यूं ही ताले में कैद रहेगा
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