राष्ट्रीय जलीय जीव गंगा डॉल्फ़िन की सुरक्षा को लेकर बॉर्डर लॉयर्स ट्रस्ट ने वन मंत्री को भेजा ज्ञापन
महराजगंज। भारत-नेपाल सीमा से सटे जनपद महराजगंज की नहरों में भटककर आने वाली राष्ट्रीय जलीय जीव गंगा डॉल्फ़िन की सुरक्षा को लेकर अधिवक्ता एवं बॉर्डर लॉयर्स ट्रस्ट के सह-संस्थापक विनय कुमार पांडे ने उत्तर प्रदेश के वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री को विस्तृत ज्ञापन भेजकर तत्काल प्रभावी कार्रवाई की मांग की है।
ज्ञापन में कहा गया है कि नेपाल की नारायणी (गंडक) नदी से तेज जल प्रवाह के कारण गंगा डॉल्फ़िन अक्सर शिकारपुर सहित आसपास की नहरों में भटककर पहुंच जाती हैं। कई बार स्थानीय लोग जानकारी के अभाव या अन्य कारणों से इन संरक्षित जीवों को पकड़ लेते हैं, जिससे उनके जीवन पर गंभीर संकट उत्पन्न हो जाता है।

नहरों में डॉल्फ़िन फंसने पर भड़के अधिवक्ता
वरिष्ठ अधिवक्ता विनय कुमार पांडेय ने अपने पत्र में उल्लेख किया है कि गंगा डॉल्फ़िन वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 की अनुसूची-1 में शामिल अत्यंत संरक्षित प्रजाति है। इसके शिकार, पकड़ने या नुकसान पहुंचाने पर अधिनियम के तहत कठोर कानूनी कार्रवाई, कारावास और अर्थदंड का प्रावधान है।
ज्ञापन में सरकार से मांग की गई है कि डॉल्फ़िन को नुकसान पहुंचाने वालों के विरुद्ध तत्काल एफआईआर दर्ज कर सख्त कार्रवाई की जाए, नहरों में डॉल्फ़िन फंसने की सूचना मिलते ही डॉल्फ़िन रेस्क्यू एम्बुलेंस एवं विशेषज्ञ टीम को मौके पर भेजकर वैज्ञानिक तरीके से रेस्क्यू कराया जाए तथा उन्हें सुरक्षित गहरे जल में छोड़ा जाए।
डॉल्फ़िन संरक्षण एवं कानून की जानकारी दी जाए
नहर के किनारे स्थित ग्राम पंचायतों में वन विभाग द्वारा व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाकर लोगों को डॉल्फ़िन संरक्षण एवं कानून की जानकारी दी जाए।
विनय कुमार पांडे ने कहा कि बॉर्डर लॉयर्स ट्रस्ट पर्यावरण एवं वन्यजीव संरक्षण के इस अभियान में प्रशासन को हर संभव विधिक सहयोग देने के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने विश्वास जताया कि सरकार के त्वरित हस्तक्षेप से इस दुर्लभ राष्ट्रीय धरोहर का संरक्षण और अवैध शिकार पर प्रभावी रोक लगाई जा सकेगी।
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