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Diwali:दीपावली के दिन लक्ष्मी के आगमन की तैयारी पर विशेष 

Diwali:दीपावली के दिन लक्ष्मी के आगमन की तैयारी पर विशेष 

Diwali:दिवाली के दिन खास तौर पर मां लक्ष्मी के आगमन की तैयारी विशेष तौर पर की जाती है।

दीपावली के दिन शाम को विधि विधान से पूजा करने के बाद मां लक्ष्मी की आरती की जाती है।

आरती से पहले मां लक्ष्मी का विशेष षडोपचार विधि से मां का पूजन करना चाहिए,

जिसमें नैवेद्य अर्पित कर धूप दीप अर्पित किए जाते हैं।

Diwali की पूजा में खासतौर पर मां लक्ष्मी की आरती करनी चाहिए।

इसके बिना पूजा का पूरा फल नहीं मिलता है। पूजा अपूर्ण मानी जीती है।

मां लक्ष्मी की आरती में बिल्कुल भी शोर नहीं किया जाता है। इनकााााा शांतिपाठ होता है हैताठ

घंटी, ताली आदि मां लक्ष्मी की आरती में नहीं बजाई जाती इनको धनलक्ष्मी कहााााा जाता है

Diwali पूजा के समय जोर से आवाज में आरती भी नहीं गाई जाती।

कहा जाता है कि अधिक शोर से मां लक्ष्मी रुठ जाती हैं। ऐसे में जो भी पूजा किया शांतिस करना चाहिए

ओम जय लक्ष्मी माता, मैया जय लक्ष्मी माता।।तुमको निशदिन सेवत, हरि विष्णु विधाता।

उमा, रमा, ब्रह्माणी, तुम ही जग-माता।सूर्य-चंद्रमा ध्यावत, नारद ऋषि गाता।

दुर्गा रूप निरंजनी, सुख सम्पत्ति दाता।जो कोई तुमको ध्यावत, ऋद्धि-सिद्धि धन पाता।

तुम पाताल-निवासिनि,तुम ही शुभदाता।कर्म-प्रभाव-प्रकाशिनी,भवनिधि की त्राता।

जिस घर में तुम रहतीं, सब सद्गुण आता।सब संभव हो जाता, मन नहीं घबराता।

तुम बिन यज्ञ न होते, वस्त्र न कोई पाता।खान-पान का वैभव,सब तुमसे आता।

शुभ-गुण मंदिर सुंदर, क्षीरोदधि-जाता।रत्न चतुर्दश तुम बिन, कोई नहीं पाता।

महालक्ष्मी जी की आरती,जो कोई नर गाता।उर आनन्द समाता, पाप उतर जाता।

ओम जय लक्ष्मी माता, मैया जय लक्ष्मी माता।तुमको निशदिन सेवत, हरि विष्णु विधाता।

 

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