जर्जर कृषि कार्यालय में जान जोखिम में, सुविधाओं का भी टोटा
नटवां जंगल प्रक्षेत्र स्थित कार्यालय की मरम्मत की मांग
वरिष्ठ सहायक ने डीएम को सौंपा ज्ञापन; एक सप्ताह में समाधान न होने पर धरना-प्रदर्शन की चेतावनी
महराजगंज। नटवां जंगल कृषि प्रक्षेत्र में स्थित उप सम्भागीय कृषि प्रसार अधिकारी सदर कार्यालय की जर्जर हालत और मूलभूत संसाधनों की कमी का मामला सामने आया है।
कार्यालय में तैनात वरिष्ठ सहायक एवं यू.पी. एग्रीकल्चर डिपार्टमेंट मिनिस्टीरियल सर्विसेस एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष अशफाक हुसेन ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर भवन की तत्काल मरम्मत कराने तथा कार्यालय में आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने की मांग की है।
ज्ञापन के अनुसार उक्त कार्यालय वर्ष 1983-84 में टीएंडवी योजना के तहत बनाया गया था और लंबे समय से इसकी मरम्मत नहीं कराई गई है।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि भवन की छत जर्जर हो चुकी है और बारिश के दौरान पानी टपकता है। खिड़कियां, दरवाजे और जंगले भी क्षतिग्रस्त हैं।
जर्जर भवन के कारण कर्मचारियों और कार्यालय आने वाले किसानों की सुरक्षा को लेकर चिंता बनी रहती है।
40 किलोमीटर दूर कार्यालय, संसाधनों का भी अभाव
ज्ञापन में कहा गया है कि कार्यालय मुख्यालय से करीब 40 किलोमीटर दूर नटवां जंगल प्रक्षेत्र में स्थित है।
यहां प्रिंटर, इन्वर्टर, बैटरी, यूपीएस और वाई-फाई जैसी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध नहीं होने के कारण सरकारी कार्य प्रभावित हो रहे हैं। शिकायतकर्ता ने कार्यालय को मुख्यालय पर संचालित किए जाने की आवश्यकता भी उठाई है।
अधिकारी पर लगाए गंभीर आरोप, जांच की मांग
ज्ञापन में उप कृषि निदेशक महराजगंज/प्रभारी उप सम्भागीय कृषि प्रसार अधिकारी सदर के खिलाफ भी कई आरोप लगाए गए हैं। शिकायतकर्ता का दावा है कि संबंधित अधिकारी को जून 2025 से कार्यालय का प्रभार है,
लेकिन उन्होंने नटवां जंगल स्थित कार्यालय का निरीक्षण नहीं किया। कर्मचारियों से कथित दुर्व्यवहार, तीन फील्ड कर्मचारियों को कार्यालय में संबद्ध किए जाने तथा स्थानांतरण के बावजूद एक प्रधान सहायक को कार्यमुक्त नहीं किए जाने जैसे आरोप भी लगाए गए हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि खबर लिखे जाने तक नहीं हो सकी है।
एक सप्ताह में समाधान नहीं तो आंदोलन की चेतावनी
मांग की गई है कि जर्जर भवन की तत्काल जांच कराकर मरम्मत कराई जाए, कर्मचारियों और किसानों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए तथा कार्यालय में आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जाएं।
चेतावनी दी है कि यदि एक सप्ताह के भीतर मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो संगठन के पदाधिकारियों और उप सम्भाग के कर्मचारियों के साथ उप कृषि निदेशक कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।
जिलाधिकारी से पूरे मामले की जांच कर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई करते हुए कर्मचारियों और किसानों को राहत दिलाने की मांग की है।
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