Shaktipeeth बिहार के पटन स्थान पर 51 शक्तिपीठ के रुप में विराजमान है मां दुर्गा भक्तोंकी लग रही भारी भीड़
सती ने किया था चमत्कार
सगुण शर्मा की रिपोर्ट
Shaktipeeth बिहार राज्य के पटना स्थित पटन देवी मंदिर का पूरे देश में 51 शक्ति में से एक माना जाता है जहां लोगों की आस्थाएं मजबूत हैं भक्तों से मिली खबर के मुताबिक पटन मंदिर पर मां के भक्त रोते हुए आकर हंसते हुए चले जाते हैं ।
प्रसिद्ध मंदिरों में से एक है पटन सिद्ध पीठ
नवरात्रि के पवित्र पक्ष में मां दुर्गा के मंदिरों का दर्शन करने की बात अगर होती है तो लोग सबसे पहले माता वैष्णो देवी का नाम लेते हैं जो सच भी है आज माता वैष्णो देवी देशभर में फेमस है । उसके अलावा बिहार राज्य में पटन मंदिर कई प्रसिद्ध मंदिरों में से एक सिद्ध पीठ है, जहां मां सती के 51 शक्ति पीठ में से एक माना जाता है।
दोस्तों पौराणिक कथा के मुताबिक माता पार्वती जब सती हुई तो भगवान शिव क्रोधित हो गए उनके क्रोध को शांत करने के लिए भगवान विष्णु अपने सुदर्शन चक्र से सती के दाहिने अंग को काट दिए, तमाम पुस्तक में अलग-अलग बातें बताई गई है।
कुछ लोगों का कहना है कि जब सती के इस रूप को भोलेनाथ देख क्रोधित होकर चल दिए और सती को गोद में लेकर आगे की तरफ बड़े पूरा इंद्रासन डगमगाने लगा ऐसे समय पर दाहिना अंग ऐसा बताया जाता है की Shaktipeeth बिहार राज्य के पटन के पास गिरा, जहां माता सती को पटन देवी के नाम से जाने लगा।
मंदिर के पुजारी के अनुसार आरती के समय जब मंदिर का घंटा बजता है तो आसपास पक्षी छत पर इकट्ठा हो जाते हैं । इस मंदिर के किनारे एक खूबसूरत तालाब है जहां ऐसा बताया जाता है कि उस तालाब को सूर्य कुंड के नाम से भी जाना जाता है।
पौराणिक कथा के मुताबिक कर्ण ने अपने पिता सूर्य को Shradha अर्पित करने के लिए इस तालाब का निर्माण कराया था । जहां भक्त पहुंचकर माता का दर्शन करने के बाद उस तालाब को भी आस्था के रूप में मानते हैं
जाने शक्तिपीठ की व्यवस्था
नवरात्रि के दिनों में हजारों की संख्या में मां के भक्त दर्शन के लिए पहुंचते हैं अगर आप मां के दर्शन के लिए आस्था रखते हैं तो वहां सभी व्यवस्थाएं मौजूद हैं । ऐसा बताया जाता है कि नवरात्रि के समय मां देवी के मंदिर का कपाट सुबह 6:00 बजे खुल जाता है भक्तगण समय से पहुंचकर अपने बारी का इंतजार करते हैं ,जहां आसानी से माता का दर्शन भी हो जाता है।
फिर वही घूमने का पूरा स्थान भी है फिर शाम को 10:00 बजे माता के मंदिर का कपाट बंद कर दिया जाता है । मंदिर के आसपास चर्चित और पवित्र धार्मिक स्थल भी मौजूद है। जहां लोग घूमने के लिए पर्यटक के रूप में आते हैं जिसमें पटना के हनुमान मंदिर जो 8 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है, तो वही उतने दूरी पर ही साहिब गुरुद्वारा है,
तो लगभग300 मीटर की दूरी पर बुद्ध स्मृति पार्क है जहां भक्तगढ़ पहुंचकर पूरी दुनिया में संदेश देने वाले गौतम बुद्ध से जुड़ी जानकारी भी लेते हैं उस पार्क में बैठने के लिए अच्छी व्यवस्थाएं हैं ऐसे में माता सती के इस स्थान पर पहुंचने वाले लोगों के लिए यह उत्तम जानकारी है
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