Sunday , 30 August 2026

आठ माह तक मौत से जंग, आखिर जिंदगी हार गए अनिल

आठ माह तक मौत से जंग, आखिर जिंदगी हार गए अनिल

 

सऊदी अरब में मचान से गिरकर घायल राजगीर मिस्त्री ने तोड़ा दम, ताबूत में घर पहुंचा शव; मासूम आर्या के सिर से उठा पिता का साया

 

महराजगंज। रोजी-रोटी कमाने और परिवार का भविष्य संवारने सऊदी अरब गए बागापार निवासी राजगीर मिस्त्री अनिल वर्मा की आठ माह तक जिंदगी और मौत के बीच चली जंग आखिरकार खत्म हो गई।

निर्माण कार्य के दौरान मचान से गिरकर गंभीर रूप से घायल हुए अनिल का सऊदी अरब में लंबे समय से इलाज चल रहा था। सोमवार को इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। गुरुवार सुबह जब उनका शव ताबूत में गांव पहुंचा तो पूरे बागापार में मातम पसर गया।

ताबूत पहुंचते ही मची चीख-पुकार, अंतिम दर्शन के लिए ग्रामीणों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। पत्नी सीमा वर्मा और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। वहीं मासूम बेटी आर्या पिता का शव देखते ही फूट-फूटकर रोने लगी। बेटी की आंखों से बहते आंसू और मां के विलाप ने वहां मौजूद हर किसी की आंखें नम कर दीं।

 

परिजनों के मुताबिक, अनिल करीब आठ माह से जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे थे। परिवार को लगातार उम्मीद थी कि इलाज के बाद वह स्वस्थ होकर अपने घर लौटेंगे और फिर से परिवार के बीच खुशियां लौटेंगी। लेकिन सोमवार को उनकी मौत की खबर ने परिवार की सारी उम्मीदें तोड़ दीं।

परिवार का भविष्य संवारने परदेश गया था अनिल, लेकिन किस्मत ने जिंदा लौटने का मौका नहीं दिया। जिस व्यक्ति के घर लौटने का परिजन बेसब्री से इंतजार कर रहे थे, उसकी वापसी ताबूत में हुई। अनिल की मौत से पत्नी और बच्चों के सिर से सहारा छिन गया है। गांव में भी शोक की लहर है और हर आंख नम है।

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