टेंडर पर ‘टकराव’! ईओ और पालिकाध्यक्ष की खींचतान में थमा शहर का विकास
रायबरेली। नगर पालिका परिषद रायबरेली में टेंडर प्रक्रिया को लेकर अधिशासी अधिकारी (ईओ) और पालिकाध्यक्ष आमने-सामने आ गए हैं।
ईओ जहां विकास कार्यों के लिए ऑनलाइन टेंडर कराने पर अड़े हैं, वहीं पालिकाध्यक्ष ऑफलाइन टेंडर की पैरवी कर रहे हैं। दोनों के बीच जारी इस टकराव का खामियाजा अब शहर की जनता को भुगतना पड़ रहा है।
नगर पालिका बोर्ड फंड से होने वाले सड़क मरम्मत, इंटरलॉकिंग, खड़ंजा, नाली निर्माण और अन्य विकास कार्य फिलहाल ठप पड़े हैं। यदि यह गतिरोध जल्द खत्म नहीं हुआ तो शहर के 34 वार्डों की करीब ढाई लाख आबादी को लंबे समय तक बुनियादी सुविधाओं के लिए इंतजार करना पड़ सकता है।
विकास कार्यों को प्राथमिकता
सभासद जय प्रकाश वर्मा और संजय श्रीवास्तव का कहना है कि ऑनलाइन-ऑफलाइन टेंडर की लड़ाई में सड़क मरम्मत से लेकर नाली निर्माण तक के कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
वहीं सभासद परमजीत सिंह गांधी और मोहम्मद हुसैन ने बताया कि शहर के कई इलाकों में जलभराव की समस्या बनी हुई है, सड़कें जर्जर हैं और नालियों का निर्माण नहीं हो पा रहा है। उनका कहना है कि राजनीतिक और प्रशासनिक खींचतान से ऊपर उठकर विकास कार्यों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
अब लोगों की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि आखिर ईओ और पालिकाध्यक्ष के बीच यह टकराव कब खत्म होगा और शहर का रुका हुआ विकास कार्य कब दोबारा रफ्तार पकड़ेगा।
रवि शंकर सिंह की रिपोर्ट पुलिस मुखबिर न्यूज रायबरेली ब्यूरो प्रभारी यूपी
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