22 भाषाओं में वार: मानव तस्करों Humantrafficking के खिलाफ अधिवक्ता का राष्ट्रव्यापी प्रहार
22 भाषाओं में गूंजी आवाज,मानव तस्करी के खिलाफ अधिवक्ता विनय पाण्डेय की ऐतिहासिक पहल
महराजगंज । उत्तर प्रदेश में मानव तस्करी Humantrafficking जैसी गंभीर सामाजिक बुराई के खिलाफ एक अनूठी और सराहनीय पहल करते हुए महराजगंज के प्रसिद्ध अधिवक्ता एवं मानवाधिकार कार्यकर्ता विनय कुमार पांडेय ने देशभर में नई मिसाल पेश की है।
NHRC को पत्र
उन्होंने भारतीय संविधान की 8वीं अनुसूची में शामिल सभी 22 भाषाओं में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) को पत्र लिखकर इस जघन्य अपराध पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
विनय कुमार पांडेय का मानना है कि मानव तस्करी Humantrafficking एक राष्ट्रीय समस्या है, जो भाषा की सीमाओं से परे है।
22 भाषा की सोच,मानव तस्करी के खिलाफ अभियान
इसी सोच के तहत उन्होंने हिंदी, अंग्रेजी, मराठी, तमिल, तेलुगु, कन्नड़, मैथिली, उर्दू, पंजाबी, असमिया, कोंकणी, मलयालम, मणिपुरी, संस्कृत, सिंधी, बंगाली, गुजराती, कश्मीरी समेत सभी प्रमुख भाषाओं में अपनी बात रखी, ताकि देश के हर कोने तक यह संदेश पहुंचे।
मातृभाषा में जागरूकता
इस पहल का मुख्य उद्देश्य न केवल प्रशासन का ध्यान आकर्षित करना है, बल्कि समाज के हर वर्ग को उनकी मातृभाषा में जागरूक करना भी है।
उन्होंने अपने पत्र में मांग की है कि मानव तस्करी के नेटवर्क को तोड़ने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर और अधिक कठोर कदम उठाए जाएं, जिससे पीड़ितों को न्याय मिल सके।
विनय कुमार पांडेय की इस पहल की चारों ओर सराहना हो रही है। उनका यह कदम न केवल कानूनी सक्रियता का प्रतीक है, बल्कि मानवाधिकारों के प्रति उनकी गहरी प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है।
PM News 18 Hindi News Website
