Ranking:दो एजेंसियों की लापरवाही से भुगतान में देरी,जाने पूरा मामला
Ranking: जनपद में धान खरीद में दो एजेंसियां पीसीएफ व यूपीएसएस की लापरवाही से किसान परेशान हैं।
Ranking: धान खरीदने के बाद किसानों को भुगतान में लापरवाही कर रहे हैं।
पीसीएफ ने केवल 68.89 और यूपीएसएस ने केवल 69.79 प्रतिशत ही भुगतान किया है।
जिले में धान खरीद के लिए कुल दो लाख मिट्रिक टन लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
इसके लिए छह एजेन्सियों का 167 खरीद केंद्र बनाया गया है,उसकेे बाद भी समय से भुगतान नहींं हो रहा
सबसे अधिक पीसीएफ का 61क्रय केंद्र
सभी क्रय एजेंसियों को खरीद के लक्ष्य में सबसे अधिक पीसीएफ का 61क्रय केंद्र बनाया गया है।
लेकिन भुगतान करने में य़ह एजेंसी सबसे पीछे है। इस एजेंसी को 70 हजार मिट्रिक टन खरीद का लक्ष्य है।
जिसके सापेक्ष 22 नवंबर तक इस एजेंसी ने 592 किसानों से 3743.366 मिट्रिक टन खरीद किया।
लेकिन केवल 68.89 फीसदी किसानों को ही भुगतान किया है।
जब कि सरकार का आदेश है कि किसानों को 48 घंटे के भीतर भुगतान कर दिया जाय।
Ranking: कुछ इसी तरह की लापरवाही क्रय एजेंसी यूपीएसएस की भी है।
इस एजेंसी का 20 क्रय केंद्र बनाया गया है। इसे 5500 मिट्रिक टन खरीद का लक्ष्य है।
जिसके सापेक्ष 308 किसानों से 1533.309 मिट्रिक टन खरीद किया गया है।
69.79 फीसदी ही भुगतान हो सका
लेकिन 69.79 फीसदी ही भुगतान किया गया, ऐसेेम किसान परेशान मजबूर हो गए।
शायद यही कारण है कि बिचौलियोंक हाथ अपने धान को भेज रहा है। Ranking:
जबकि वहीं कुंडली मारकर बैठा दो विभाग जिलेक व्यवस्था प्रश्न चिन्ह खड़ा कर दिया है।
प्रदेश सरकार ने समय से पूर्व योजना बनाकर किसानों को समय से भुगतान करने का मन बनाया था।
लेकिन जनपद की कुछ एजेंसियां इसको पूर्ण रूप से संचालित नहीं कर पा रही है
शायद यही कारण है कि किसान काफी परेशान है वही अधिकारी भी इन एजेंसियों से दुखी है ।
अधिकारी बना रहे भुगतान कराने का दबाव
किसानों को समय से भुगतान कराने के लिए डिप्टी आरएमओ विवेक सिंह
सभी एजेंसी प्रबंधकों कोफोन कर शत प्रतिशत भुगतान कराने का दबाव बना रहे हैं।
Ranking: 90 फीसदी भुगतान नहीं होने पर प्रबंधकों के खिलाफ कार्यवाही की जाएगी।
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