आंगनबाड़ी केंद्र बना कीचड़ का दलदल!
जलजमाव से मासूमों की मुश्किलें बढ़ीं, जिम्मेदार बेखबर
बरवा खुर्द में बारिश के बाद केंद्र परिसर में भरा पानी, फिसलकर गिर रहे बच्चे; ग्रामीणों ने मिट्टी भराई और जलनिकासी की उठाई मांग
महराजगंज। घुघली विकासखंड के बरवा खुर्द गांव में स्थित आंगनबाड़ी केंद्र इन दिनों जलजमाव और कीचड़ की समस्या से जूझ रहा है। बारिश के बाद केंद्र परिसर और उसके आसपास पानी जमा हो जाने से पूरा परिसर कीचड़ में तब्दील हो गया है।
ऐसे में आंगनबाड़ी केंद्र पहुंचने वाले मासूम बच्चों के सामने परेशानी खड़ी हो गई है। कीचड़ भरे रास्ते और फिसलन के बीच बच्चों के गिरने का खतरा लगातार बना हुआ है।
ग्रामीणों के मुताबिक बारिश होते ही आंगनबाड़ी केंद्र परिसर में पानी जमा हो जाता है। पानी निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण कई दिनों तक जलजमाव की स्थिति बनी रहती है।धीरे-धीरे यही पानी कीचड़ में बदल जाता है, जिससे केंद्र के आसपास का रास्ता बेहद फिसलन भरा हो जाता है।
कई बच्चे फिसलकर गिर चुके
ग्रामीणों ने बताया कि केंद्र पर आने वाले छोटे-छोटे बच्चों को परिसर में पहुंचने के दौरान काफी सावधानी बरतनी पड़ती है। इसके बावजूद कई बच्चे कीचड़ में फिसलकर गिर चुके हैं। इससे अभिभावकों में भी चिंता बढ़ गई है। उनका कहना है कि छोटे बच्चों के लिए थोड़ी सी लापरवाही भी चोट का कारण बन सकती है।
पढ़ाई और पोषण के लिए आते हैं बच्चे
अभिभावकों ने बताया कि आंगनबाड़ी केंद्र छोटे बच्चों के लिए महत्वपूर्ण है। यहां बच्चों को प्रारंभिक शिक्षा के साथ पोषण संबंधी सुविधाएं भी मिलती हैं।
लेकिन केंद्र परिसर की बदहाल स्थिति के कारण बच्चों को केंद्र तक पहुंचाने में परेशानी हो रही है। बारिश के मौसम में स्थिति और ज्यादा खराब हो जाती है।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते परिसर में मिट्टी भराई कराकर उसे ऊंचा कर दिया जाए और पानी की निकासी के लिए नाली अथवा अन्य स्थायी व्यवस्था कर दी जाए तो समस्या का समाधान हो सकता है।
ग्रामीणों ने अधिकारियों से लगाई गुहार
ग्रामीण सेवक रामअवध पप्पू काशी ने संबंधित अधिकारियों का ध्यान इस समस्या की ओर आकृष्ट कराते हुए आंगनबाड़ी केंद्र परिसर में तत्काल मिट्टी भरवाने और जलनिकासी की व्यवस्था कराने की मांग की है।
ग्रामीणों का कहना है कि यह मामला सीधे मासूम बच्चों की सुरक्षा और सुविधा से जुड़ा है, इसलिए इसे केवल अस्थायी रूप से नहीं बल्कि स्थायी समाधान के साथ दूर किया जाना चाहिए।
अब देखना यह है कि जिम्मेदार अधिकारी इस समस्या को कितनी गंभीरता से लेते हैं और कब तक आंगनबाड़ी केंद्र परिसर को जलजमाव और कीचड़ से निजात मिलती है।
PM News 18 Hindi News Website
