एफसीआई गोदाम के बाहर श्रमिकों का हल्लाबोल, ठेकेदारी प्रथा खत्म करने की मांग
दो साल से ठेके पर काम, महंगाई के बावजूद मजदूरी में बढ़ोतरी नहीं होने का आरोप; डीएम से लगाई गुहार, उग्र आंदोलन की चेतावनी
रायबरेली। भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) के श्रमिकों का आक्रोश शनिवार को सड़क पर उतर आया। विभिन्न मांगों को लेकर नाराज श्रमिकों ने एफसीआई गोदाम के मुख्य गेट के सामने धरना देकर जमकर प्रदर्शन किया
प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी की। श्रमिकों ने ठेकेदारी प्रथा समाप्त करने के साथ ही अपनी लंबित मांगों को जल्द पूरा कराने की मांग जिलाधिकारी से की।
सुबह बड़ी संख्या में श्रमिक गोदाम के मुख्य गेट पर एकत्र हुए और धरने पर बैठ गए। प्रदर्शन की सूचना मिलते ही निगम के अधिकारियों में खलबली मच गई।
अधिकारियों ने श्रमिकों को समझाने और मनाने का प्रयास किया, लेकिन प्रदर्शनकारी अपनी मांगों पर अड़े रहे। श्रमिकों ने सभी साथियों को वापस काम पर लिए जाने की भी मांग उठाई।
श्रमिक सतीश, अमरेश कुमार सिंह, प्रकाश गुप्ता, आकाश कुमार और जितेंद्र पासवान ने बताया कि वे पिछले करीब दो वर्षों से ठेकेदारी व्यवस्था के तहत काम कर रहे हैं। उनका आरोप है कि लगातार बढ़ती महंगाई के बावजूद मजदूरी में कोई अपेक्षित बढ़ोतरी नहीं की गई है। इससे श्रमिकों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
रामू, श्रवण कुमार, भारतलाल, हरिश्चंद्र और राम बहादुर समेत अन्य श्रमिकों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो वे उग्र आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
श्रमिकों की शिकायत पर जिलाधिकारी सरनीत कौर ब्रौका ने उनके हित में आवश्यक कार्रवाई कराने का भरोसा दिया। इसके बाद श्रमिकों ने अपनी मांगों को लेकर आगे की कार्रवाई पर नजर बनाए रखने की बात कही।
रवि शंकर सिंह की रिपोर्ट पुलिस मुखबिर न्यूज रायबरेली ब्यूरो प्रभारी यूपी
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